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रात मे नहीं होगा विवाह समारोह का आयोजन, सामूहिक भोज पर भी रहेगा प्रतिबंध|


विवाह समारोह में 50 लोगों से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकेंगे



        कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने बताया कि कोविड-19 के चलते जिले में सम्पन्न होने वाले समस्त वैवाहिक कार्यक्रम विनियमित किए जाएंगे एवं इसके लिए अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इंसिडेंट कमाण्डर यह अनुमति प्रत्येक प्रकरण में देंगे, परन्तु इसमें भाग लेने वाले कुल व्यक्तियों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी। संख्या का निर्धारण अनुमति देते समय प्रत्येक प्रकरण में स्थान आदि की उपलब्धता को देखते हुए गुण-दोष के आधार पर परीक्षण करके किया जा सकेगा।

        कलेक्टर ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा है कि समस्त अनुविभागीय मजिस्टे्रट/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इंसिडेंट कमाण्डर प्रकरण में गुण-दोष देखकर ही विवाह समारोह में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या की अनुमति देंगे। पचास व्यक्तियों की संख्या अधिकतम है, परन्तु प्रत्येक विवाह अनुमति के प्रकरण में विवाह समारोह के स्थान की उपलब्धता, समय, भोजन की व्यवस्था आदि पहलुओं का अवलोकन एवं परीक्षण कर लिया जाए। यह आवश्यक है कि संक्रमण से बचाव हेतु आवेदकों से वचन पत्र भी भरवा लिया जाए, दी जाने वाली अनुमति की एक प्रति अनिवार्यत: संबंधित थाना/पुलिस चौकी में दी जाए।

        यदि विवाह समारोह नगरीय क्षेत्र में है तो समारोह में एकत्रित होने वाले व्यक्तियों की संख्या व दो गज की दूरी के परिप्रेक्ष्य में नगरीय निकाय के किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा एक बार निरीक्षण किया जाए। यदि विवाह स्थल ग्रामीण क्षेत्र में हो तो संबंधित पंचायत सचिव/ग्राम रोजगार सहायक/पटवारी अनिवार्य रूप से इसका एक बार निरीक्षण करके संबंधित इंसिडेंट कमाण्डर को रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

        उन्होंने बताया कि जिले में सायं 7 बजे से सुबह 7 बजे तक अत्यावश्यक सेवाओं को छोडक़र, व्यक्तियों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। कुछ विवाह समारोहों में आमंत्रण पत्रों में सामूहिक भोज आदि का समय रात्रि में दिए जाने की शिकायतें भी प्राप्त हुई है। ऐसे सामूहिक भोज कदापि आयोजित नहीं किए जा सकते हैं। विवाह समारोह के लिए जितने व्यक्तियों हेतु अनुमति है, विवाह समारोह में उस घर में उतनी संख्या में ही व्यक्ति उपस्थित रहकर विभिन्न कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं, परन्तु रात्रिकालीन रिसेप्शन जैसे कार्यक्रम कदापि नहीं होना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।

        इंसिडेंट कमाण्डर द्वारा विवाह अनुमति में संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को उनके द्वारा इन समारोहों पर नजर रखने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले किन्हीं भी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

        कलेक्टर ने कहा है कि यह आदेश आम जनता को संबोधित है। वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं है और ना ही संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति या समूह को दी जाकर सुनवाई की जा सके। अत: दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के तहत यह आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत मप्र शासन द्वारा जारी किए गए विनियम दिनांक 23 मार्च 2020 की कंडिका 10 के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 187, 188, 269, 270, 271 के अंतर्गत दण्डनीय है एवं उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध इन धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 28 मई 2020 से आगामी आदेश पर्यन्त प्रभावशील रहेगा।

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