डॉ सुनीलम ने सर्वोच्च न्यायालय के निदेशों की अवमानना बतलाया
किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद बैतूल के आंध्र प्रदेश एवं मुंबई में फंसे लोगों को प्रदेश सरकार वापस लाने में रुचि नहीं ले रही है ।
डॉ सुनीलम ने बताया कि चित्तूर में फंसे 26 अतिथि मजदूरों की बैतूल वापसी के लिए चित्तूर के प्रशासनिक एवम पुलिस
अधिकारियों से तेलंगाना के पूर्व गृहमंत्री नाई नरसिम्हा रेड्डी ,न्यायाधीश गोपाल सिंह एवं जमीला बहन द्वारा बार-बार बातचीत करने के बावजूद अब तक वापस लौटने का इंतजाम नहीं किया गया ।
डॉ सुनीलम ने कहा कि उन्होंने लगातार बैतूल के श्रमिकों की वापसी के लिए प्रशासन और प्रदेश के समन्वयक को लिखित जानकारी भेजी फोन पर बात की ,इसके बावजूद भी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कोई रुचि नहीं ली जा रही है ।
उन्होंने कहा कि बैतूल के सांसद तथा घोड़ाडोंगरी के विधायक की यह जिम्मेदारी है कि वे इन ग्राम वासियों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करें लेकिन दोनों के द्वारा अब तक कार्यवाही नहीं की गई है परिणाम यह हुआ कि अभी तेलंगाना से 14 अतिथि श्रमिकों को वापस आने के लिए अपनी गाढ़ी कमाई का ₹40,000 खर्च करके बस से वापस आने को मजबूर होना पड़ा ।
डॉ सुनीलम ने कहा कि जो ठेकेदार इन श्रमिकों को लेकर गया था वह कारखाना मालिकों से मिलकर उन्हें वापस आने नहीं दे रहा है । पुलिस रिपोर्ट करने के बावजूद आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही है ।
डॉ सुनीलम ने बताया कि बैतूल जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर था फोन पर बातचीत करकर कहा है कि ठेकेदार द्वारा बंधक बनाए गए श्रमिकों को छुड़वाने के लिए पुलिस पार्टी भेजें ।एस पी ने कहा कि मामला चित्तूर का है तो वे क्या कर सकते हैं ? डॉ सुनोलम ने कहा कि बैतूल के 26 अतिथि श्रमिकों को यदि
बंधक बना कर रखा गया है तो
बैतूल में एफ आई आर दर्ज कर बंधकों को छुड़ाने की कार्यवाही करनी चाहिए।
बैतूल के जिलाधीश ने चित्तूर के जिलाधीश से बात करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रेन चालू हो गई हैं श्रमिक खुद क्यों नहीं आ जाते? डॉ सुनीलम ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकारों को निशुल्क वापसी के निर्देश दिए हैं। श्रमिकों को खुद आने के लिए नहीं कहा गया है।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्त आंध्र प्रदेश के प्रभारी वी किरण गोपाल ने कहा है कि वे बैतूल के जिलाधीश से बात करेंगे तथा आंध्र प्रदेश के अधिकारोयों से बात करेंगे।
आश्चर्यजनक तौर पर किसी भी अधिकारी ने यह नहीं कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए 26 अतिथि श्रमिकों को उनके गांव पहुंचा दिया जाएगा।

