शहर में अनलॉक के 10वें दिन ही डरावने दृश्य दिखे। भारी भीड़, कोई सोशल डिस्टेंसिंग नहीं। बमुश्किल इंदौर कुछ संभला है, फिर कोरोना विस्फोट न हो जाए।
शवयात्रा में 5 लोग शामिल होने की इजाजत, लेकिन 200 लोग पहुंचे
जूनी इंदौर क्षेत्र में निगमकर्मी की हत्या के बाद उसकी शवयात्रा में करीब 200 लोग शामिल हुए। गाइडलाइन के मुताबिक शवयात्रा में सिर्फ 5 लोग ही शामिल हो सकते हैं। अफसरों ने लोगों को इस बारे में समझाया भी था पर वे नहीं माने। इसके पीछे वजह बताई गई कि आरोपी ने एक गवाह को शवयात्रा में न आने की धमकी दी थी। इससे आक्रोशित होकर इतने लोग आए।
भाजपा के जागरूकता कार्यक्रम में 125 लोग शामिल हुए

भाजपा ने कोरोना पर जागरूक करने गुरुवार को 400 जगह आयोजन किए, लेकिन उलटा हो गया। कोरोना को आमंत्रण देने का कार्यक्रम हो गया। लगा जैसे राजनीतिक कार्यक्रम हो। परदेशीपुरा चौराहा पर 125 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए। कैलाश विजयवर्गीय लोगों से दूरी बनाने का कहते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
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