चीन के 59 एप पर प्रतिबंध तो ठीक लेकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले एप्स पर रोक क्यो नही ?
कुलदीप पहाडे ✍🏻
नई दिल्ली। चीन के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की गई। 59 चीनी ऐप पर लगाया गया बैन, बधाई। लेकिन जिन चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध की खबरे आ रही है उसके अलावा भी कई ऐसे एप है जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है, आखिर उन सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली चाइनीज एप्स है उनका क्या ?
फिलहाल भारत ने 59 चीनी एप पर प्रतिबंध तो लगा दिया लेकिन चीन की सबसे बड़ी कम्पनी अलीबाबा और उसकी सहयोगी एंट फाइनेंसियल ने भारत के चार प्रमुख स्टार्टअप (पेटीएम, स्नैपडील, बिगबास्केट और जोमैटो) में 2.6 अरब (लगभग 18 हजार करोड़ रुपये) का निवेश किया है। जबकि टेनसेंट और अन्य चीनी कंपनियों ने पांच प्रमुख स्टार्टअप (ओला, स्वैगी, हाइक, ड्रीम11 और बायजूस) में 2.4 अरब डॉलर (लगभग 17 हजार करोड़ रुपये) का निवेश किया है।भारत की कई प्रमुख और लोकप्रिय कंपनियों में चीन की हिस्सेदारी है। इनमें बिग बास्केट, बायजू, डेलहीवेरी, ड्रीम 11, फ्लिपकार्ट, हाइक, मेकमायट्रिप, ओला, ओयो, पेटीएम, पेटीएम माल, पालिसी बाजार, क्विकर, रिविगो, स्नैपडील, स्विगी, उड़ान, जोमैटो आदि प्रमुख हैं।
पिछले चार साल के दौरान देश की नई कंपनियों (स्टार्टअप) में चीन की कंपनियों के निवेश में करीब 12 गुना की वृद्धि हुई है। 2016 में भारतीय स्टार्टअप में चीन की कंपनियों का निवेश 38.1 लाख डॉलर (लगभग 2,800 करोड़ रुपये) था, जो साल 2019 में बढ़कर 4.6 अरब डॉलर (लगभग 32 हजार करोड़ रुपये) हो गया।
भारत ने चीन को करारा जवाब दिया है.आगे भी करारा जवाब दिया जाता रहेगा..सर्जिकल स्ट्राइक . . . . डिजिटल स्ट्राइक . . . .। हम हमारे पाठकों को स्पष्ट बता दे कि यह बेन कोई स्ट्राइक नही और न ही कोई बदला है, यह बेन मात्र व्यक्तिगत डाटा लीक होने के डर से लगाया गया है।

