जहां एक तरफ करोनो वायरस से दुनिया एक साथ मिलकर लड़ रही है जहां नफरत को भूलकर लोग एक दूसरे की सहायता कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ राजस्थान की यह खबर आपको परेशान कर देगी जहां निजी अस्पताल के स्टाफ का व्हाट्सएप चैट वायरल हुआ है जिसमें मुस्लिम समुदाय के कोरोना वायरस रोगियों के साथ भेदभाव करने की बात की गई है अस्पताल कर्मचारियों के बीच व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है ।
चूरु जिले के एक निजी अस्पताल के एक डॉक्टर सहित तीन स्टाफ मेंबर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी एक रिपोर्ट के अनुसार एफआईआर में एक लैब तकनीशियन और एक कंपाउंडर का नाम भी शामिल है इन तीनों पर भारतीय दं,ड संहिता की धारा 153a किसी भी धर्म पर ह,मला और 505 के तहत मामला दर्ज किया गया है साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं रिपोर्ट के मुताबिक सरदारशहर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर महेंद्र दत्त शर्मा ने कहा है कि पुलिस कंट्रोल रूम को शुक्रवार को शिकायत मिली थी हिंदुस्तान टाइम के अनुसार शर्मा ने कहा तीन लोगों के खिलाफ आज एफ आई आर, दर्ज की गई है जिसमें एक डॉक्टर है एक लैब टेक्नीशियन और एक कंपाउंडर शामिल है।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चूर में मुस्लिम परिषद संस्थान के जिला अध्यक्ष मकबूल खान ने कहा है कि उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी थी उन्होंने बताया की व्हाट्सअप पर BARDIA RISE के नाम से बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप चैट में लिखा था कल मैं मुस्लिम पेशेंट का एक्सरे नहीं करूंगा यह मेरी शपथ है जबकि चैट में यह भी लिखा गया था कि कल से मुस्लिम पेशेंट को देखना ही बंद करदो । सरदारशहर में प्राइवेट आर्थोपेडिक हॉस्पिटल श्री चंद बरडिया रोग निदान केंद्र, चलाने वाले डॉक्टर सुनील चौधरी ने इसके लिए माफी मांगी है उन्होंने अपने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा अस्पताल के कर्मचारियों का किसी भी धार्मिक समूह को चोट पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में हमारा अस्पताल आपको शिकायत का मौका नहीं देगा ।

