महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक गांधारी का भाई शकुनि भी था। शकुनि गांधार राज्य का राजा था। वर्तमान में ये क्षेत्र अफगानिस्तान में है। दुर्योधन पूरी तरह से शकुनि की नीतियों पर ही निर्भर था। महाभारत युद्ध होने के कारणों में शकुनि भी शामिल है। उसने कई बार पांडवों के साथ छल किया और दुर्योधन को पांडवों के प्रति भड़काया। कौरव और पांडवों के बीच जब जुआ खेला गया तब कौरवों की ओर से शकुनि ने ही पांसे फेंके थे। यहां जानिए शकुनि से जुड़ी कुछ और खास बातें...
महाभारत के अनुसार शकुनि के पिता का नाम राजा सुबल और माता का नाम सुदर्मा था। राजा सुबल गांधार के राजा थे। शकुनि की पत्नी का नाम आरशी था और पुत्र का नाम उलूक था। उलूक ने ही युद्ध से पहले कौरवों का संदेश पांडवों को सुनाया था।
युद्ध में सहदेव ने महाभारत युद्ध में शकुनि और उलूक को घायल कर दिया। घायल उलूक युद्ध करते हुए सहदेव के हाथों मारा गया। शकुनि अपने पुत्र का शव देखकर बहुत दुखी हुआ और युद्ध भूमि छोड़कर भागने लगा। सहदेव ने शकुनि का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद घायल शकुनि ने बहुत समय तक सहदेव से युद्ध किया और अंत में सहदेव ने उसका वध कर दिया।
सहदेव ने शकुनि का वध युद्ध के 18वें दिन किया था। शकुनि के भाइयों ने भी युद्ध में हिस्सा लिया था। वे कौरवों की ओर से युद्ध लड़े थे। उनका वध अर्जुन ने किया था।
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