श्री लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में श्री ब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा, एकांत महोत्सव बुधवार सुबह ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ। आयोजन स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा। सुबह 9 बजे से देवस्थान के पुजारी व विद्यर्थियों ने स्तोत्र पाठ कर गोविंदा गोविंदा के जयघोष के साथ गरुड़ ध्वजा का पूजन किया। दक्षिण भारतीय पद्धति से गरुड़ ध्वज पर चढ़ाकर श्री ब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
महाभिषेक वेदों और स्तोत्र पाठ से हुआ
नवरजत कलशों की स्थापना कर महाभिषेक किया गया। रजत कलशों में गाय का दूध, दही, घी, शकर, केसर, फलों का रस, नदियों के जल से किया। जिनका पूजन कर तिरूमंजन, कटी कर शंखधार चक्रधार रामानुजाचार्य स्वामी के महाभिषेक वेदों और स्तोत्र पाठ के साथ किया। गुरुवार सुबह 9 बजे से भगवती श्री महालक्ष्मी का महाभिषेक प्रवचन, आरती व रात 8.30 बजे से भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी की सवारी स्वर्ण मंगल गिरि पर निकलेगी। लाइव भजन भी होंगे।
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