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आयुष्मान योजना: प्राइवेट अस्पतालों में भी होगा कोराेना का इलाज

अब सागर समेत अन्य जिलाें के कोविड-19 के पॉजिटिव मरीज पास के प्राइवेट अस्पताल में अपना मुफ्त उपचार करा सकेंगे। लेकिन यह पात्रता केवल उन्हीं लोगों को मिलेगी। जिनका परिवार आयुष्मान योजना में पंजीकृत है।
स्वास्थ्य विभाग के कमिश्नर डॉ. संजय गोयल के अनुसार आयुष्मान के लिए नामांकित प्रदेश के सभी प्राइवेट अस्पतालों में कोराना का उपचार किया जाएगा। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें से इस संबंध में हाल ही में सभी कलेक्टर, सीएमएचओ को एक पत्र जारी कर दिया गया है।

शहर के चार प्राइवेट अस्पतालों में करा सकेंगे उपचार

इधर शासन ने अधिक से अधिक लोगों को आयुष्मान योजना के तहत इस महामारी का उपचार की सुविधा दिलाने के लिए प्रदेश के कई प्राइवेट अस्पतालों को अस्थाई तौर पर आयुष्मान योजना के लिए सूचीवद्ध या इम्पेनल्ड भी किया है। सागर में पूर्व से मकरोनिया स्थित सागरश्री अस्पताल आयुष्मान योजना में इम्पैनल्ड है। नए अस्थाई इम्पैनल्ड में श्री चैतन्य अस्पताल तिली रोड, लाइफ केयर जनरल हॉस्पिटल, नियो सेंटर फॉर एडवांस निओनेटोलॉजी एंड चाइल्ड हेल्थ शामिल हैं।

अस्पतालों को दो-दो कमरे रिजर्व रखना होंगे : राज्य शासन की गाइडलाइन के अनुसार सभी प्राइवेट अस्पतालों को अपने-अपने परिसर में दो-दो कमरे कोरोना संदिग्ध या पॉजिटिव के लिए रिजर्व रखना होंगे। अस्पताल प्रबंधन को मरीज का उपचार व देखभाल कोविड के प्रोटोकॉल के अनुसार करना होगी। कोविड के लक्षण मिलने पर सेम्पिल की जांच पास के प्राइवेट या सरकारी लैब में कराई जा सकेगी। इन अस्पताल प्रबंधन की जवाबदारी होगी कि जब तक मरीज की हालत वहां मौजूद क्लीनिकल सर्विसेस से बाहर या बहुत ज्यादा क्रिटिकल नहीं हो जाए, तब तक वे उसे रिफर नहीं करेंगे। जिन मरीजों को किडनी, फेफड़े के रोगी हैं, उन्हें पर्याप्त सुरक्षा साधन युक्त एंबुलेंस से थ्री टियर कोविड हॉस्पिटल रिफर किया जाए।

संभाग के ये अस्पताल भी अस्थाई तौर पर अनुबंधित : दमोह- 1. सिटी हॉस्पिटल दमोह 2. संजीवनी हॉस्पिटल दमोह 3. दमोह हॉस्पिटल दमोह 4. मिशन हाॅस्पिटल दमोह। टीकमगढ़- 1. सिटी हॉस्पिटल, टीकमगढ़ 2. लाइफ केयर हॉस्पिटल, टीकमगढ़
होटलों में कोरंटीन होने की अनुमति पहले जारी हो चुकी है : कोरोना पॉजीटिव के कॉन्टेक्ट्स की ट्रेसिंग में प्रथम संपर्क या अन्य जो चिकित्सा दल को उपयुक्त लगें। उन्हें आईसोलेट या क्वारेंटीन करने के लिये जब जगह न हो या स्वयं संभावित संक्रमित मांग करे तो उसे चिन्हित होटल , लॉज या धर्मशाला में आईसोलेट किया जा सकता हैं। शहर में इस काम के लिए दो लॉजिंग होटल अनुबंधित किए जा चुके हैं। यहां रुकने वाले व्यक्ति के भोजन से लेकर अन्य सुविधा की जवाबदेही होटल प्रबंधन की रहेगी। आईसोलेशन के लिए चयनित होटल, लॉज, धर्मशाला आदि में चिकित्सक, पुलिस बल एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।



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