मुलताई। कोरोना के इस दौर में सबसे बड़ा दर्द मजदूर झेल रहे है। बेरोजगारी काम बंदी के चलते राशन पानी नही होने से कई मजदूर पैदल ही आने घरों के लिए निकल पड़े। ऐसे ही नरेरा और बोरदेही के आस पास के रहने वाले करीब 23 मजदूर गुजरात में फस गए थे। जहां से वे जैसे तैसे पैदल ही मध्य प्रदेश बॉर्डर झाबुआ तक पहुचे। जहा से उन मजदूरों को मध्यप्रदेश शासन ने व्यवस्था बनाए कर बस से मुलताई तक पहुचाया।
सुबह मजदूरो के मुलताई बस स्टैंड पहुचने पर संदीप पिंजारे ने सभी को चाय नाश्ता करवाया जिसके बाद मजदूरो की जानकारी लगते ही नगर के समाजसेवी निखिल जैन आदि ने उनके भोजन की व्यवस्था करवाई।
युवा नेता हनी खुराना औऱ मनीष माथनकर ने तत्काल एसडीम सी एल चनाप को स्थिति से अवगत कराया जिस पर तत्काल सोबत धुर्वे मौके पर पहुचे ओर सभी मजदुरो को उनके गांव पहुचाने के लिए बस का इंतज़ाम करवाया गया।
सभी 23 मजदूरो को बस से बोरदेही एवं नरोरा उनके गांव रवाना किया गया। रवाना करने के पहले मुलताई में ही मेडिकल टीम द्वारा उनके स्वास्थ्य की जांच करवाई गयी।


