नई दिल्ली. बुरी खबर है। देश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा बीस हजार के पार हो गया है। संक्रमण से पहली मौत 11 मार्च को कर्नाटक में हुई थी। तब से 28 अप्रैल तक यानी 48 दिनों में मरने वालों की संख्या एक हजार हुई।
इसके बाद मौतों की रफ्तार लगातार बढ़ती गई। 29 अप्रैल से 16 जून तक यानी 49 दिनों में ही 9 हजार से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया यानी मरने वालों की संख्या दस हजार हो गई थी। अब केवल 19 दिनों में मौत का यह आंकड़ा दस हजार से बीस हजार के पार हो गया।
भारत दुनिया का 8वां देश जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं
- 20 हजार मौत का आंकड़ा छूते ही भारत दुनिया का 8वां देश हो गया जहां सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। पहले नंबर पर अमेरिका है। जहां 1.32 लाख मामले हुए हैं।
- दूसरे नंबर पर ब्राजील है। यहां अब तक 64.9 हजार मौतें हुई हैं।
- 5 देश ऐसे हैं जहां संक्रमण के मामले भारत से काफी कम हैं। इसके बावजूद इन देशों में भारत से ज्यादा मौतें हुई हैं। इनमें यूके, इटली, मैक्सिको, फ्रांस, स्पेन शामिल हैं।
- यूके में 2.85 लाख मामले है और 44.22 हजार लोगों की जान जा चुकी है। इसी तरह इटली में 2.56 लाख मामले हैं और यहां 34.86 हजार लोगों की जान जा चुकी है।
- मैक्सिको में 2.58 लाख केस हैं और 30 हजार मौतें हो चुकी है। स्पेन में 2.97 लाख केस हैं और यहां 28 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
देश में अब तक बीस हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 44.11% लोग महाराष्ट्र के रहने वाले थे। देश की राजधानी दिल्ली के 15.33%, गुजरात के 9.71% और तमिलनाडु के 7.85% मरीज थे। इस तरह से 77% मौतें केवल चार राज्यों में हुईं। बाकी 33% मौतें अन्य राज्यों से हैं।
राहत: देश में अब तक 4.29 लाख मरीज ठीक भी हुए
तेजी से बढ़ रहे संक्रमण और मौत के मामलों के बीच राहत की बात है कि मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी यहां अन्य सबसे संक्रमित देशों के मुकाबले तेजी से बढ़ रही है। भारत में अब तक 7.04 लाख केस सामने आ चुके हैं। अच्छी बात है कि इनमें से 4.29 लाख मरीज ठीक भी हो चुके हैं। यानी, अभी 2.55 लाख मरीजों का ही इलाज चल रहा है। भारत का रिकवरी रेट 61.01 पहुंच गया है। मतलब हर 100 मरीजों में 61 मरीज ठीक होकर घर जा रहे हैं। अमेरिका में यही दर 43.19 और ब्राजील में 60% है।
