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बैतूल बहुचर्चित मजिस्ट्रेट और उनके बेटे की मौत के राज का पुलिस ने किया खुलासा ।


बैतूल । जिला न्यायालय में पदस्थ अति. जिला सत्र न्यायाधीश श्री महेन्द्र कुमार त्रिपाठी जी और इनके दो बेटे अभियान राज त्रिपाठी, और छोटा बेटा आशीष राज त्रिपाठी ने घटना दिनांक 20.07.2020 को रात्री 10.30 बजे के लगभग भोजन करने के बाद अचानक उल्टीया करने लगे और बीमार हो गये । जिस खाने के बाद इनकी तबीयत खराब हुई यह भोजन श्रीमति भाग्या त्रिपाठी जज साहब की पत्नी ने तैयार किया था । तैयार गर्म रोटिया खाने के बाद यह तबीयत खराब हुई थी । जज साहब की पत्नी ने बासी भोजन किया इस कारण उनकी तबीयत में कोई गडबडी नही हुई । दिनांक 21.07.2020 एवं 22.07.2020 को दिन एवं रात में श्री महेन्द्र कुमार त्रिपाठी जी और इनके बेटो का न्यायाधीश आवास परिसर बैतूल में ही ईलाज चलता रहा । दिनांक 23.07.2020 को जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डाक्टर आनंद मालवीय की सलाह पर बाद ईलाज जज साहब व इनके दोनो बेटे होशंगाबाद रोड़ स्थित पाढ़र अस्पताल बैतूल में भर्ती होकर गहन चिकिस्सा ईकाई में ईलाजरत थे ।

           इनके भर्ती होने की सूचना पाढ़र अस्पताल बैतूल द्वारा दिनांक 24.07.2020 को पुलिस चौकी पाढ़र थाना कोतवाली बैतूल को अस्पताल तहरीर प्राप्त हुई । जिस पर भर्ती जज साहब श्री महेन्द्र त्रिपाठी जी और इनके बडे बेटे श्री अभियान राज त्रिपाठी  के कथन प्र.आर. जगदीश रैकवार द्वारा लेखबद्ध किये गये । जिस आटे से बनी रोटिया खाने के बाद परिवार बीमार पडा उस पर जज साहब की पत्नी और परिवार को आशंका होने पर वह आटा जिसको लेकर परिवार को आशंका हुई । जज साहब की धर्म पत्नी द्वारा पुलिस को प्रस्तुत करने पर और स्वंय जज साहब द्वारा संदिग्ध आटे की जांच करवाने की बात अपने कथनो में स्पष्ट करने के कारण वह आटा जप्त किया गया ।

             ईलाजरत जज साहब द्वारा मोबाईल से परिजनो के अलावा भी कई लोगो से बात की गई । जिसकी छानबीन पुलिस द्वारा की जा रही है । छोटे बेटे आशीष राज त्रिपाठी की तबीयत ज्यादा खराब न होने के कारण वह अस्पताल में भर्ती नही रहे ।  दिनांक 25.07.2020 को शाम के समय जज साहब एवं इनके बडे बेटे अभियान राज त्रिपाठी की तबीयत अचानक ज्यादा खराब होने से चिकित्सक की सलाह पर इन्हे नागपुर के प्रतिष्ठित एलेक्सिस अस्पताल ले जाया गया । जहां अस्पताल के चिकिस्तको ने श्री अभियान राज त्रिपाठी को मृत घोषित किया और जज श्री महेन्द्र त्रिपाठी जी का ईलाज प्रारम्भ किया गया ।  दिनांक 26.07.2020 को प्रातः 04.30 बजे के लगभग श्री महेन्द्र त्रिपाठी जी ने अंतिम सांस ली। काफी प्रयास के बाद भी इन्हे बचाया नही जा सका । 

            दोनो पिता पुत्र की मृत्यु के उपरांत नागपुर के संबंधित थाना मानकापुर में अकाल मृत्यु की  दर्ज सूचना में सूचना कर्ता आशीष राज त्रिपाठी जो स्वर्गीय जज साहब के छोटे बेटे है उन्होने ने बताया कि नागपुर आते समय उसके पिता महेन्द्र त्रिपाठी ने रास्ते में उसे बताया था कि परिचित संध्या सिंह ने उन्हे यह आटा दिया था । उस आटे की पूजा किसी पंडित ने की है, वही आटा घर के आटे में मिलाकर खाना बनाना और खाना इसी आटे से भोजन तैयार करने के बाद में उसी के कारण फूड़ पाईजनिंग से उसके पापा और भाई की मौत हो जाना बताया । दोनो मृतक पिता, पुत्र का इंदिरा गांधी मेडीकल कॉलेज नागपुर में विधिवत पोस्ट मार्टम चिकित्सको द्वारा किया गया और आवश्यक जांचो के बाद बैतूल पुलिस के अनुरोध पर बिसरा तथा सिर के बाल एवं हाथ के नाखुन सुरक्षित कर शून्य पर अकाल मृत्यु धारा 174 द.प्र.स. के प्रकरण दर्ज कर दोनो प्रकरणो की डायरी असल अपराध को मय सुरक्षित किये गये अंग अवयवो के बैतूल पुलिस के जिम्मे किया गया । उच्च स्तरीय न्यायिक क्षेत्र का मामला होने से श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला बैतूल द्वारा सम्पूर्ण जांच पड़ताल हेतु विशेष कार्य दल का गठन किया गया । 

             थाना गंज जिला बैतूल में अकाल मृत्यू के प्रकरण क्रमांक 26/2020, 27/2020 धारा 174 द.प्र.स. दर्ज कर विधिवत जांच पुलिस द्वारा माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय के मार्गदर्शन में की गई । इसी संदर्भ में स्वर्गीय जज श्री महेन्द्र कुमार त्रिपाठी के घर से दिनांक 20.07.2020 को प्रयुक्त शेष आटे के पैकेट को जप्त किया गया । विशेष कार्य दल द्वारा वरिष्ठ अधिकारियो के सतत् मार्गदर्शन में मोबाईल एनालिसिस व साक्ष्य के आधार पर यह तथ्य स्पष्ट हुये  कि सम्पूर्ण घटना क्रम को मूलतः रीवा निवासी श्रीमति संध्या सिंह पति संतोष सिंह द्वारा जो विगत कई वर्षो से छिन्दवाडा में रहकर एन.जी.ओ. चलाती है और स्वर्गीय जज श्री महेन्द्र त्रिपाठी की महिला मित्र हो गई थी । महत्वांकाक्षी इस महिला ने स्वर्गीय जज साहब की पत्नी व परिवार के बैतूल आ जाने के कारण से विगत चार माह से जज साहब से न मिल पाने और कुंठा क्षोभ के कारण छिन्दवाडा में अपने सम्पर्को के सूत्र खुद के ड्रायवर संजू पिता बंडू चन्द्रवंशी निवासी कनहर थाना उमरेठ और संजू के फूफा देवीलाल पिता सेवाराम चन्द्रवंशी निवासी काशीनगर छिन्दवाडा, मुवीन खान पिता सलीम खान निवासी छिन्दवाडा, और कमल पिता गरीबा निवासी छिन्दवाडा, ने मिलकर षड़यंत्र तैयार किया । षड़यंत्र में बनी योजना के अनुसार श्रीमति संध्या सिंह बैतूल आकर जज साहब से उनके घर से आटा बुलवाई और वही आटा पन्नी में भरकर बाबा उर्फ रामदयाल को दिया गया । दो दिन आटा रखकर बाबा उर्फ रामदयाल ने जहरीला आटा कमल के जिम्मे किया । तब श्रीमति संध्या सिंह और इसका ड्रायवर संजू अपनी कार से जिसमें कमल भी साथ था । दिनांक  20.07.2020  को दोपहर में बैतूल पहुचे । कमल को मुल्ला पेट्रोल पंप के पास बैतूल में उतारा गया और श्रीमति संध्या सिंह और इसका ड्रायवर कार से सर्किट हाउस  बैतूल पहुचे जहां सूचना पर जज साहब श्री महेन्द्र त्रिपाठी जी भी अपनी कार से सर्किट हाउस पहुचे एकांत में कार के अंदर लगभग 05 - 10 मिनिट श्री महेन्द्र त्रिपाठी जी एवं श्रीमति संध्या सिंह के बीच चर्चा हुई जहां श्रीमति संध्या सिंह ने बाबा की पूजा बाला जहरीला आटा कष्टो के निवारण हेतु जज साहब को दिया । उसके बाद दोनो अलग अलग वाहनो से वहां से निकल गये । उसके बाद इसी जहर युक्त आटे का जिसके जहरीले होने का जज साहब को कोई अनुमान नही था । घर में भोजन में रोटी बनाते समय मिलाने के लिये दिया और इसी मिले हुये आटे की रोटी खाने के बाद जज साहब और इनके दोनो बेटो  की तबीयत खराब हुई और अंत में जज श्री  महेन्द्र कुमार त्रिपाठी और इनके  बडे बेटे श्री अभियान राज त्रिपाठी की मृत्यू हो गई ।  सम्पूर्ण तथ्यो की जांच के उपरांत पुलिस गंज  द्वारा अपराध क्र.  301/2020 धारा 302, 328, 307, 120-बी भादवि का पंजीबद्ध कर घटना में प्रयुक्त आरोपियो की कार  एम0पी0 – 28 – सीबी – 3302 जप्त कर मामले में मुख्य आरोपी श्रीमति संध्या सिंह पति संतोष सिंह निवासी छिन्दवाडा एवं इनके कार के चालक संजू पिता बंडू निवासी छिन्दवाडा को बाद पूछताछ जुर्म स्वीकर कर लेने पर गिरफ्तार कर लिया गया है । शेष आरोपीगण फूफा देवीलाल पिता सेवाराम चन्द्रवंशी निवासी काशीनगर छिन्दवाडा, मुवीन खान पिता सलीम खान निवासी छिन्दवाडा, और कमल पिता गरीबा निवासी छिन्दवाडा, बाबा उर्फ रामदयाल निवासी छिन्दवाडा को भी मामले में शीघ्र गिऱफ्तार कर लिया जावेगा ।  मामले में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय बैतूल द्वारा गठित विशेष कार्य दल एवं टीम द्वारा उपरोक्त मामले का पर्दाफास किया गया है । प्रकरण में अनुसंधान के दौरान और जो भी तथ्य प्रकट होगें उनके आधार पर आरोपियो के विरूद्ध कार्यवाही पुलिस द्वारा की जावेगी ।

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