✍️कुलदीप पहाड़े.......
मुलताई। धीरे धीरे समाज मे पुराने रीतिरिवाजों में अब बदलाव नजर आने लगा है। एक समय था जब परिवार में किसी की मृत्यु हो जाने पर घर का बड़ा बेटा ही मुखाग्नि देता था लेकिन अब बदलाव के इस दौर में बेटियो को भी बराबरी का कह अधिकार मिलने के बाद अब पुरानी परंपराओं को दरकिनार करते हुए ग्रामीण क्षेत्रो में भी बेटियां हर काम मे आगे आ रही है। ऐसा ही एक वाक्या चिखली खुर्द में 53 वर्षीय गौतम उबनारे की मृत्यु होने पर आज सोमवार को उनके अंतिम संस्कार के समय उनकी बेटियों अंशुल और निकिता उबनारे ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी।

