कोविड मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहे है डॉ.रजनीश शर्मा।
डॉ.योगेश पंडागरे, घनश्याम राठौर के निवेदन एवं डॉ.रजनीश शर्मा के प्रयास से कोविड पेंसेंट राजेश साहू की बची जान
बैतूल। जिले के प्रभातपट्टन तहसील के ग्राम तिवरखेड़ निवासी राजेश साहू की कोरोना जाँच रिपोर्ट पॉजीटिव 28 मार्च को आई चुकी थी। उक्त दिनांक से 1-2 दिन बाद ही राजेश साहू की तबीयत बिगड़ते चली गई। स्वास्थ्य टीम ने राजेश साहू को ग्राम तिवरखेड़ से प्रभातपट्टन एवं मुलताई स्वास्थ्य विभाग में लाने के प्रयास भी किए लेकिन पेंसेंट नहीं माना। अंतत: तबियत अधिक बिगडऩे पर गत सोमवार 29 मार्च 2021 रात्रि लगभग 11:45 बजे आमला-सारनी क्षेत्र के विधायक डॉ.योगेश पंडागरे से उक्त पेंसेंट को जिला अस्पताल के कोविड सेंटर में भर्ती करवाने हेतु निवेदन किया। जिस पर विधायक डॉ.पंडागरे ने कोविड प्रभारी डॉ.रजनीश शर्मा से राजेश साहू को भर्ती करने निवेदन किया। डॉ.पंडागरे के निवेदन पर डीसीएचसी प्रभारी डॉ.रजनीश शर्मा ने कोविड सेंटर फुल होने के बावजूद एक पेंसेंट के लिए जगह बनवाते हुए ग्राम तिवरखेड़ तत्काल 108 एम्बुलेंस भेजकर कोविड पेंसेंट राजेश साहू को जिला कोविड सेंटर बुलवाकर भर्ती करवाया और उनका उपचार श्री शर्मा के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम द्वारा उपचार किया गया। डॉ.रजनीश शर्मा की व्यवहार कुशलता एवं उनके मधुर बोलचाल को लेकर अन्य मरीजों के परिजनों द्वारा उनकी खुले मन से भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।
कोविड पेंसेंट का सफर
29 मार्च 2021 को रात्रि 11:45 बजे प्रभातपट्टन तहसील के ग्राम तिवरखेड़ निवासी राजेश साहू को एम्बुलेंस के माध्यम से सीधे जिला चिकित्सालय के कोविड सेंटर में डीसीएचसी प्रभारी रजनीश शर्मा ने भर्ती करवाया। कोविड पेंसेंट राजेश साहू सहित अन्य मरीजों का बेहतर से बेहतर उपचार जारी रहा, जिसके लिए डीसीएचसी प्रभारी डॉ.रजनीश शर्मा की पूरी टीम बधाई की पात्र है। पेंसेंट राजेश साहू को 9 अप्रैल को डिस्चार्ज किया गया।
डॉ.रजनीश शर्मा हमारे लिए भगवान : परिजन
जब 9 अप्रैल 2021 को कोविड सेंटर से अपने पति राजेश साहू की छुट्टी हुई तो पत्नि रेखा साहू की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा और अपने पति को मौत के मुँह से बाहर निकलते स्वयं करीब से देखती रही है और खुशी के इस माहौल में वे अपने आँसुओं को नहीं रोक पाई। पत्नि रेखा साहू बहुत कम पढ़ी-लिखी महिला रहने के बावजूद भी उन्होंने पूरे समय अपने पति का पूरा ध्यान रखा और डीसीएचसी प्रभारी डॉ.रजनीश शर्मा से हर पल समय-समय पर मार्गदर्शन मिलता रहा है और पूरे स्टाफ का सहयोग अंत तक मिला है। जिस प्रकार का सहयोग जिला चिकित्सालय में हमें मिला है निश्चित रूप से हमारे लिए डॉ.रजनीश शर्मा भगवान ही साबित हुए है। पेंसेंट के भतीजों दीपक चौधरी एवं मोहित (मोंटू) साहू ने डीसीएचसी प्रभारी डॉ.रजनीश शर्मा एवं पूरी टीम का आभार माना है।
डीसीएचसी प्रभारी डॉ.रजनीश शर्मा ने बताई पेंसेंट की स्थिति
जिला चिकित्सालय का कोविड सेंटर फुल होने के बावजूद भी मुझे सोमवार 29 मार्च की रात्रि में पत्रिका के ब्यूरो चीफ घनश्याम राठौर एवं सारनी-आमला विधायक डॉ.योगेश पंडागरे जी का फोन आया था उनका कहना था कि डॉ.शर्मा जी आप कैसे भी कर कोविड पेंसेंट राजेश साहू को भर्ती कर लीजिए वह बहुत गरीब परिवार से है। मैंने आनन-फानन में पेंसेंट को रात 2 बजे भर्ती करवा लिया और प्रात: 4 बजे मैंने पेंसेंट को स्वयं आकर देखा और उचित दिशा-निर्देश दिए। सुबह होते-होते मुझे पेसेंट के बारे में ऐसा लगने लगा कि मैं उक्त कोविड पेंसेंट को संसाधनों के अभाव में मैनेज नहीं कर पाउंगा। जिसको लेकर मैंने पेसेंट राजेश साहू के परिजनों को स्पष्ट रूप से बता दिया एवं दूसरे ही दिन पाढर चिकित्सालय में रिफर कर दिया गया, जहां पर पाढर चिकित्सालय के अडिय़ल रवैये की वजह से लगभग 2 घंटे तक पेंसेट को उन्होंने पहले तो एडमिट ही नहीं किया। फिर मेरे हस्तक्षेप के बावजूद वहां उन्हें भर्ती किया गया। दूसरे ही दिन पेंसेंट के परिजनों को पाढर हास्पिटल द्वारा यह कह दिया गया कि पेंसेंट की हालत बहुत नाजुक है और वे लगभग 36 घंटे भी शायद ही निकाल पाये। ऐसा सुन परिजन हतप्रभ रह गए और अंतिम चारा डीसीएचसी प्रभारी डॉ.रजनीश शर्मा ही बने और रात्रि 2 बजे पाढर से रिफर करवाकर जिला चिकित्सालय के कोविड सेंटर में भर्ती करवाने में सहायक बने। जिसका परिणाम है कि कोविड पेंसेट राजेश साहू अपने घर स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच गए है डॉ.रजनीश शर्मा की भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।
पाढर चिकित्सालय को कोविड पेंसेंट राजेश साहू के परिजनों द्वारा आयुष्मान कार्ड दिया गया इसके बावजूद भी उन्होंने उसका रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया और नगद 20 हजार रूपये जमा करवा लिए। इस बात की जानकारी डॉ.रजनीश शर्मा को लगने पर उन्होंने तत्काल कार्यवाही करवाने हेतु कलेक्टर को निवेदन किया है।

