Bhopal। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूरे प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगाया जा रहा है। भोपाल में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाने का फैसला कलेक्टर पर छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी के लिए आर्थिक गतिविधियां भी जरूरी हैं, इसलिए कई सेक्टरों में छूट दी जा रही है। इंदौर में 1 अप्रैल से 10 अप्रैल तक 8196 कोरोना मरीज मिले हैं। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने रविवार काे इंदौर में 12 से 16 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू लागू किया है। शासन द्वारा पूर्व से घोषित लॉकडाउन को अब कोराेना कर्फ्यू नाम दिया गया है। वहीं, दतिया में पीताम्बरा पीठ को आगामी आदेश तक दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया गया है।
रविवार को कोरोना पर हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य राज्य से आवागमन पर रोक नहीं है। मेडिकल और राशन की दुकानें, अस्पताल, नर्सिंग होम, बैंक, एटीएम, दूध, सब्जी की दुकानें, उद्योगों में मजदूर- माल आदि के आवागमन पर प्रतिबंध नहीं है। उद्योग चलते रहेंगे। परीक्षा केंद्रों में जाने वाले विद्यार्थी, अन्य स्टाफ, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, दूरसंचार, बिजली सप्लाई, रसोई गैस सेवाएं भी चालू रखी गई हैं। कैब सेवाएं जारी रहेंगी।
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट से आने जाने वाले नागरिक, आईटी कंपनियां बीपीओ, मोबाइल कंपनियों की यूनिट्स, अखबार वितरण, होटल (जिनमें रूम इन डाइनिंग हैं), उन पर प्रतिबंध नहीं है। इससे पहले राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए प्रदेश के हालातों की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा धर्मगुरु भी शामिल हुए।

