19 साल की सोनम मलिक,ने साक्षी मलिक को चित कर बनाई टोक्यो ऑलंपिक की राह
टोक्यो ओलंपिक 2021 में भारत की ओर से 19 साल की पहलवान सोनम का जलवा देखने को मिलेगा. सोनम मलिक एक छोटे से गांव से निकलर ओलंपिक गेम्स में जगह बनाने में कामयाब रही.
सोनम की कम उम्र को लेकर सभी को यह डर सता रहा था कि सीनियर वर्ग के अनुभवी पहलवानों के खिलाफ सोनम गंभीर रूप से चोटिल हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने रियो ओलंपिक की पदक विजेता साक्षी मलिक को 62 किग्रा भार वर्ग में पटखनी देकर सबको चौंका दिया.
हरियाणा के सोनीपत जिले के मदिना गांव की 19 साल की इस युवा पहलवान के कोच अजमेर मलिक और उनके अभिभावक को सीनियर वर्ग में मौका दिलाने के लिए राष्ट्रीय महासंघ को काफी मनाना पड़ा. हालांकि भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) ने सोनम को रोम रैंकिंग सीरीज के लिए जनवरी 2020 के ट्रायल में मौका दिया. ट्रायल्स में सोनम, साक्षी मलिक पर भारी पड़ी और उन्होंने भारतीय टीम में जगह पक्की की.
सोनम ने बड़े नामों के खिलाफ किया शानदार प्रदर्शन
सोनम ने ने रितु मलिक, सरिता मोर , निशा या सुदेश जैसे बड़े पहलवानों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया. सोनम ने 2018 में दिल्ली दंगल में एक स्कूटर और एक लाख 10 हजार रुपये का पुरस्कार जीता था. उसे पांच बार भारत केसरी का खिताब भी मिला. 10 साल की उम्र से ही सोनम को नाम कमाने की ललक थी.
सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त को मानती है आदर्श
सोमन सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानती है. उन्होंने बताया, जब वह टीवी में दोनों ओलंपिक चैंपियन खिलाड़ी को कुश्ती करते हुए देखी थी, तो खुद से वादा किया था कि वो भी एक दिन टीवी में दिखेगी और लोग उसके मुकाबले को देखेंगे. सोनम ने बताया कि उसे पदक और बेल्ट जीतना चाहती थी और तिरंगे को ऊपर लहराते देखना चाहती थी.
बचपन से ही निडर और लड़कों को हराने में खुश होती थी सोनम
सोनम बचपन से ही निडर थी. उसे लड़कों को कुश्ती में हराने में बड़ा मजा आता था. सोनम ने बताया, उसे मजबूत लड़कों को हराने में ज्यादा मजा आता था. साक्षी के खिलाफ मुकाबले में सोनम पहले 4-6 और फिर 6-10 से पीछे चल रही थी लेकिन आखिरी लम्हों में उन्होंने चार अंक जुटा कर ओलंपिक पदकधारी को चौंका दिया. सोनम ने साक्षी को लगातार चार बार पटखनी दी.

