*सरकारी खजाने में लाखो रूपएआवंटित कर लगा रहे चूना मात्र कागजों में कार्यवाही*
खबर सारनी:-
सारनी से बबलु पहाड़े रिपोर्ट
अधिकारी का जवाब बना नासूर सारणी पालिका सारणी क्षेत्र में दबंगई से ठेका मिलने की प्रक्रिया खुले आम देखा जा सकता है। जिसमे स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत होने वाली बड़ी लापरवाही साफ देखी जा सकती है । पूरे सारणी शहर में हर वो जगह जहां पर स्वच्छ
सर्वेक्षण नाम पर नगर पालिका सारणी परिषद के द्वारा छेत्र के प्राय: जगहों पर स्वच्छ सर्वेक्षण की वाल पेंटिंग एवम् होडिंग करवाई गई है। गत दो वर्षों से लापरवाही कर प्रशाशन से लाखों रुपयों लेकर खर्चा बचाकर कमीसन खोरी करवाकर देश की आम जनता एक एक रुपया हम सभी ने टैक्स के रूप में सरकार को दिया गया है ।उस परिश्रमिक पैसो की लूट नगर पालिका सारणी में देखी जा सकती है । उक्त विषय पर स्वच्छता सर्वेक्षण के अधिकारी भावशार जी से बात करने पर उन्होंने बताया कि ये वाल पेंटिंग एवम् होडिंग में साल परिवर्तित करने की कार्यवाही ऊपर से आदेशानुसार ही हुई है। हम इसकी जानकारी आर टी आई के माध्यम से जानकारी देंगे। अतः एक माह के बाद आर टी आई लगाकर जानकारी प्राप्त की गई इसमें पाया गया कि उक्त आदेश की कापी जिस पर सिल आेर किसी बड़े अधिकारी के सिग्नेचर सलग्न नहीं हो पाया है इससे ये प्रतीत होता है कि इन दो वर्षो के दौरान वालपेंटिंग एवम् होडिंग 2021आेर 2022 में की ही नहीं गई ।बस कागजों में दिखाकर सरकार के खजाने से पैसे निकाल कर कागजी कार्यवाही कर के काम को दर्शाया गया। यह तो सीधी और बड़ी बात जो कि लाखों रुपयों की है। लापरवाही देखने में हर जगह आ रही है। इस गम्भीर विषय पर व्याख्यान कर क्या कोई उच्च पद पर नियुक्त अधिकारी कार्यवाही कर पाएगा क्योंकि नगर पालिका सारणी के सभी अधिकारी इस विषय को लेकर सिर्फ टाल मटोल करते हुए देखा जा रहे है। इन सभी के पास कोई उप्युक्त जवाब नहीं है क्योंकि सुरूवात में टेंडर प्रक्रिया में तीन लोगों को कागजी कार्यवाही में ही फेल करवा दिया गया मात्र एक ठेकेदार जो कि पहले से तय किया गया मालूम पड़ता है। उनको ही टेंडर का होना पहले से तय मालूम पड़ता शमझा जा सकता है । नहीं तो एक सिंगल परशन को टेंडर भला केसे दिया जा सकता है। इस टेंडर प्रकिया से अब तक की निष्पक्ष जांच करने वाले अधिकारियों की जरूरत सारणी नगर पालिका छेत्र में ज्यादा हो गई है अहसास होने लगा है।
