Pulse Oximeter, Glucometer, BP Monitor, Nebulizer and Digital Thermometer will be cheaper, the government has taken this step
इन सभी उपकरणों की संशोधित कीमत 20 जुलाई, 2021 से प्रभावी होंगी। वर्तमान में इन सभी पांचों उपकरणों पर मार्जिन की सीमा 3 प्रतिशत से लेकर 709 प्रतिशत तक है।
नई दिल्ली 14 जुलाई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान देश में पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, बीपी मॉनिटर, नेबूलाइजर और डिजिटल थर्मोमीटर की अचानक बढ़ी मांग से इनकी कीमतों में आई उछाल के बाद मोदी सरकार ने अब बड़ा कदम उठाया है।
इन सभी उपकरणों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एनपीपीए (NPPA) ने पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, बीपी मॉनिटर, नेबूलाइजर और डिजिटल थर्मोमीटर को ट्रेड मार्जिन रेशनालाइजेशन के तहत लाने का फैसला किया है। इसके लिए इन सभी पर डिस्ट्रीब्यूटर के मार्जिन को 70 प्रतिशत तक सीमित रखा गया है।
एनपीपीए ने अपने एक ट्वीट में कहा कि इन सभी उपकरणों की संशोधित कीमत 20 जुलाई, 2021 से प्रभावी होंगी। वर्तमान में इन सभी पांचों उपकरणों पर मार्जिन की सीमा 3 प्रतिशत से लेकर 709 प्रतिशत तक है।
सरकार ने कोविड जांच किट के लिए कच्चे माल, एम्फोटेरेसिन बी के रसायन पर आयात शुल्क से छूट दी
सरकार ने ब्लैक फंगस की दवा एम्फोटेरेसिन बी के लिये विशेष रसायन (एपीआई)/पदार्थों तथा कोविड जांच किट के विनिर्माण के लिए कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी है। वित्त मंत्रालय ने 12 जुलाई को एक अधिसूचना में कहा कि कोविड जांच किट विनिर्माण के लिये कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क से छूट 30 सितंबर, 2021 तक रहेगी। वहीं एम्फोटेरेसिन बी के लिए विशेष रसायन/पदार्थों के लिए छूट 31 अगस्त तक के लिए होगी।
ईवाई कर भागीदार अभिषेक जैन ने कहा कि यह भारत सरकार द्वारा कोविड संकट से निपटने के लिए सोच विचार कर दी गयी छूट है। यह महामारी से निपटने के साथ घरेलू उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक कदम है। शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड को-पार्टनर रजत बोस ने कहा कि इससे भारत में ऐसी वस्तुओं की लागत में और कमी आने की संभावना है। इससे यह आम आदमी के लिए और अधिक किफायती हो जाएगा।
पिछले महीने, वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राजस्व विभाग ने कोविड संक्रमण की रोकथाम से संबंधित 18 उत्पादों की आपूर्ति के लिए कम दरों को अधिसूचित किया था। इसमें हैंड सैनिटाइज़र, पल्स ऑक्सीमीटर, परीक्षण किट, एम्बुलेंस और थर्मामीटर आदि शामिल हैं। ये रियायती दरें 30 सितंबर, 2021 तक लागू रहेंगी।
इसके अलावा, कोविड-19 के इलाज में उपयोग तोसिलीजुमाब और ब्लैक फंगस की दवा एम्फोटेरिसिन बी पर जीएसटी दर 5 प्रतिशत से शून्य कर दिया गया। साथ ही रेमडेसिविर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

