शनिवार रात ओडिशा के तितलागढ़ स्टेशन पर 22 डिब्बों वाली एक पैसेंजर ट्रेन बिना इंजन के 15 किलोमीटर तक चलती गई.
रात लगभग 10 बजे तितलागढ़ स्टेशन पर अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस खड़ी थी. यात्रियों से भरी 22 डिब्बों वाली ये ट्रेन संबलपुर जाने वाली थी और ट्रेन का इंजन बदला जाना था.
ऐसे में जब ट्रेन का इंजन अलग किया गया तो वो प्लेटफॉर्म से निकलकर क़रीब दो घंटों तक बिना इंजन के चलती रही.
ख़बर मिलते ही किसी भी तरह के हादसे को रोकने के लिए सभी क्रॉसिंगों को बंद कर दिया गया.
लगभग 15 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद ट्रेन को रात 12 बजे कसिगा स्टेशन पर पत्थरों की मदद से रोका गया.
ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी एस एस मिश्रा ने इसे ट्रेन चालकों की लापरवाही बताया है.
आख़िर कैसे हुआ ये हादसा?
रेलवे ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच किए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं.
संबलपुर के रेलवे डीआरएम जयदेव गुप्ता ने बीबीसी को बताया है कि स्किड ब्रेक ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं किए जाने की वजह से ये घटना सामने आई है.
हालांकि कुछ ही समय बाद रेलवे के कर्मचारियों ने नोटिस किया कि ट्रेन बेवक़्त पटरी पर चल रही है.
रेलवे का कहना है कि ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं.
ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बीबीसी से कहा है कि रेलवे ने घटना को गम्भीरता से लिया है. डीआरएम ने खुद घटना स्थल का दौरा किया है. जांच की रिपोर्ट एक ही दिन में आने की उम्मीद है. और किसी को ज़िम्मेदार पाया गया तो उसके खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे ने इस लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की है और दो चालकों समेत सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है.




