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पीएचई का दावा: 66 नलजल योजना में से 13 और 6 हजार हैंडपंप में से 170 बंद हकीकत: जितनी योजनाएं और हैंडपंप बंद बता रहे, उससे दोगुनी शिकायतें मिलीं

लॉकडाउन में गर्मी के सीजन में गांवों में सबसे ज्यादा परेशानी पानी काे लेकर रही, क्योंकि अफसरों ने इनका निराकरण ही नहीं किया। लॉकडाउन का फायदा उठाकर इमरजेंसी ड्यूटी तो कभी सबकुछ बंद रहने की बात कहकर हैंडपंप संधारण और नलजल योजना को चालू करने से पल्ला झाड़ लिया। दाे दिन पहले चंबल संभाग के कमिश्नर आरके मिश्रा की समीक्षा में भी आंकड़ा पीएचई ने कम ही बताया गया। इसमें पीएचई के अफसरों ने बताया कि 66 नलजल योजनाओं में से 13 बंद हैं। इसके अलावा 6285 हैंडपंपों से 170 के करीब बंद हैं।

लेकिन हकीकत इसके उलट है। पीएचई के आंकड़े उन्हीं के रिकार्ड के विरोधाभासी हैं। यह हम नहीं बल्कि, सीएम हेल्पलाइन व ब्लॉक स्तर पर तहसीलदार, एसडीएम के पास पहुंच रही शिकायतें दर्शा रही हैं। सीएम हेल्पलाइन पर करीब 110 शिकायत ऐसी हैं, जिसमें हैंडपंप बंद होने के साथ चालू कराने की मांग की गई है। लेकिन इन शिकायतों का निराकरण बीते तीन महीनों से नहीं किया। इसी तरह कराहल ब्लॉक की बात करें तो यहां जनपद व तहसील स्तर पर ही एक सैकड़ा शिकायतें नलजल योजना और हैंडपंप बंद होने की दर्ज हैं। इन्हें निराकरण के लिए पीएचई को भेजा गया है।
इधर, बड़ौदा तहसील में भी करीब 70 से ज्यादा शिकायतें सिर्फ हैंडपंप बंद होने की पहुंच चुकी है। बड़ौदा तहसीलदार भरत नायक भी इस बात को मान रहे हैं कि अब तक मिली शिकायतों को उन्हाेंने पीएचई को भेजा है। यानी पीएचई ने हैंडपंप व नलजल योजना बंद हाेने के जो आंकड़े बताए हैं, वह पूरी तरह से गलत हैं। यहां 170 नहीं बल्कि इससे चार से पांच गुने तक हैंडपंप बंद हैं। कराहल ब्लॉक की बात करें तो यहां 250 से ज्यादा शिकायतें सिर्फ हैंडपंप बंद होने की बीते तीन महीने में पहुंच चुकी है। जिनका संधारण अब तक नहीं किया गया है और यह बात खुद पीएचई के ईई संतोष श्रीवास्तव भी कह रहे हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन में ऑफिस से लेकर तीन महीने तक तो सबकुछ बंद था तो ऐसे में काम कैसे होता।

170 हैंडपंपों में से 115 जलस्तर गिरने से बताए गए बंद
जिले मेंबंद बताए जा रहे 170 हैंडपंपों में से 115 जलस्तर गिरने के कारण बंद बताए गए हैं। जिनमें अब तक पाइप नहीं बढ़ाए गए। इसके अलावा बाकी हैंडपंप पाइप फंसने, टूटने व सूखने के कारण बंद बताए गए हैं। जबकि हकीकत में गांवों में इससे ज्यादा हैंडपंप बंद पड़े हुए हैं। यहां सबसे ज्यादा समस्या कराहल ब्लॉक में सामने आ रही है, इसमें लोग लगातार हैंडपंप व नलजल योजनाओं को शुरू करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं, पर उनकी सुनवाई ही नहीं की जा रही है।

टेंडर के साथ नई योजना पर कर रहे काम
हैंडपंप संधारण को लेकर टेंडर किए जा रहे है और इन्हें जल्द ही सुधार दिया जाएगा। वर्तमान में करीब 150 से ज्यादा हैंडपंप खराब हैं तो 13 नलजल व स्पोर्ट सोर्स योजना बंद है। अब गांवों में जल जीवन योजना के तहत घर-घर पानी पहुंचाने पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा खराब पड़े हैंडपंपों को भी दुरुस्त करा रहे हैं।
संतोष श्रीवास्तव, ईई, पीएचई



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PHE claims: 13 out of 66 Naljal schemes and 170 out of 6 thousand hand pumps closed, Reality: The number of schemes and hand pumps being closed, doubled complaints received

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