Type Here to Get Search Results !

Random Posts

4/footer/random

बाल सुरक्षा और संरक्षण में पंचायतों व विकासखंड/ग्राम बाल संरक्षण समिति की भूमिका उन्मुखीकरण" विषय पर ऑनलाइन कार्यक्रम संपन्न


मोइन खान ✍ 

छिंदवाड़ा-  बाल सुरक्षा और संरक्षण में पंचायतों व विकासखंड/ग्राम बाल संरक्षण समिति की भूमिका उन्मुखीकरण" विषय पर गत दिवस महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के अमरवाड़ा विकासखंड के लिये गूगल क्लाउड मीटिंग के माध्यम से ऑनलाइन कार्यक्रम संपन्न हुआ । इस कार्यक्रम में कोविड-19 से बचाव व रोकथाम के साथ ही बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों से बच्चों को अवगत कराया गया ।
      जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती कल्पना तिवारी रिछारिया ने बताया कि कोविड संक्रमण काल में हमारे सामने कई चुनौतियाँ नए स्वरूप में आई हैं जिनमें एक चुनौती बाल संरक्षण की भी है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें स्थानीय स्वशासन की एक प्रमुख इकाई है और म.प्र. पंचायत एवं ग्राम स्वराज एक्ट 1993 के साथ ही किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के अंतर्गत बाल संरक्षण में पंचायतों की कई महत्वपूर्ण भूमिकायें हैं । बाल संरक्षण अधिकारी श्री चन्द्रशेखर नागेश ने समेकित बाल संरक्षण सेवायें द्वारा बच्चों के समग्र संरक्षण के लिये ब्लॉक/ग्राम बाल संरक्षण समिति के माध्यम से पंचायत स्तर पर एक सामुदायिक सुरक्षा तंत्र निर्मित करने, बच्चों के लिये उचित परिवेश का निर्माण करने, उन्हें शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक हिंसा और दुर्व्यवहार से बचाने, तनावमुक्त उचित पालन और देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये पंचायतों से समन्वय व कार्य दायित्व व प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से बताया । साथ ही चाइल्ड लाइन नंबर 1098 एवं मनोसामाजिक कॉउंसलिंग सेवा नंबर 8889983062 का उल्लेख किया।
      जिला समन्वयक ममता एच.आई.एम.सी. संस्था के श्री नीलेश दुबे ने कोरोना से  बचाव के लिये बच्चों के संरक्षण, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण और उसमें ग्राम पंचायतों व ग्राम बाल संरक्षण समिति की भूमिका के विषय मे जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुश्री करुणा साहू ने जमीनी चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुये आंगनबाड़ी के माध्यम से बच्चों और विशेषकर प्रवासी मजदूरों के बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य जैसी सभी आवश्यक सेवायें निरंतर प्रदान करने और जागरूक करने के लिये कहा । विधि अधिकारी श्री अतिशय जैन ने पंचायत की सहभागिता में विधिक पहलू और सुझावों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि शामिल हुये ।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad