व्हाट्सएप वीरो ने लगवाया मप्र के छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में 3 से 10 दिन तक का लॉक डाउन।
कोरोना महामारी के इस भयंकर दौर में भी व्हाट्सएप पर अफवाह फैलाने वाले बाज नही आ रहे है। पिछले दिनों छिंदवाड़ा में जो भी हुआ वह देखकर - सुनकर और पढ़कर आश्चर्य से ज्यादा दुख हुआ।
छिंदवाड़ा एवम आस वास के जिलों में में व्हाट्सप्प पर हमारे देश, प्रदेश, छिंदवाड़ा एवम अन्य जिलो की सुरक्षा में तैनात वीर जवानों ने पहले तो 30 जुलाई से एक सप्ताह का लॉक डाउन करवा दिया और बाजार की हालत टाइट कर दी...
दोपहर होते होते मोर्चा संभालते हुए डियूटी पर तैनात व्हाट्सएप्प जवानों ने छिंदवाड़ा के तहसीलदार साहब को पॉजिटिव बताकर छिंदवाड़ा तहसील को सील करवा दिया जबकि सच यह है की यह सब हुआ केवल व्हाट्सएप्प पर, तहसीलदार साहब ठीक है, तहसील भी सील नहीं हुई है।
व्हाट्सएप्प के जवान यहीं नही रुके शाम होते तक अपने मोबाइल से इतने बम, बारूद, गोलियां चला चुके थे कि शाम 4 बजे हुई आपदा प्रबंधन की बैठक में लॉक डाउन का फैसला कलेक्टर-कप्तान पर छोड़ दिया गया... और आखिरकार वही हुआ जिसका डर था, 1 से 4 अगस्त तक लॉक डाउन....
अब स्थिति को समझिये....
मंगलवार के 21 पॉजिटिव को मिलाकर कोरोना के 52 एक्टिव केस छिंदवाड़ा में हैं। लगभग सभी केसों में मरीज दूसरे जिलों से आए बताए जा रहे हैं।
सावधानी बहुत जरूरी है लेकिन व्हाट्सएप्प वीरों ने जो रायता फैलाया उसे समेटेगा कौन? पता है - छिंदवाड़ा के कई छोटे-मंझोले, सड़क पर धंधा करने वाले लोग जो बामुश्किल अपनी गाड़ी पटरी पर लाए थे। किराए की दुकान चलाने वाले, चार दिन और उसके बाद हफ्ते में दो दिन दुकान बंद रहेगी पर किराया पूरा देना होगा।
व्हाट्सएप्प के जवानों दुकान-शोरूम के कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह देनी होगी क्योंकि वो मालिक भरोसे है, आपके नहीं।
बिना सोचे समझे 30 से एक सप्ताह का लॉक डाउन करवाने वाले व्हाट्सप्प के वीर जवान आपकी फालतू पोस्ट ने कई परिवारों से राखी की खुशियां छीन ली और सोशल डिस्टेंस के तरफदार कल से शुक्रवार तक बाजार में भीड़ देखना । मध्यम वर्गीय परिवारों की ईद, राखी, भुजलिया आदि सब त्योहार खराब करवा दी आपने।
"खैर लिखने को बहुत कुछ है पर व्हाट्सएप्प के वीर-जवानों द्वारा लगवाए गए चार दिवसीय लॉक डाउन की हार्दिक शुभकामनाएं"

