✍ पाशा खान / कुलदीप पहाड़े
मुलताई/बैतूल- बस संचालन बंद किए जाने के विरोध में कल बस मालिकों और संचालन से जुड़े हम्माल, एजेंट एवं वाहन चालकों ने अर्द्धनग्न होकर रैली निकालकर पैदल बैतूल तक 50 किमी का मार्च किया। सभी लोग बैतूल पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से अपनी व्यथा सुनाई । रैली का नेतृत्व जिला मोटर मालिक संघ संरक्षक हाजी शमीम खान ने किया। बस मालिकों का कहना है कि कोरोना काल में बसों के पहिए थमे रहें और वर्तमान में भी बसों का संचालन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति को देखते हुए 6 माह का रोड टैक्स माफ करते हुए इसमें छूट प्रदान की जाए।
अर्द्धनग्न होकर 50 किमी पैदल मार्च
बसों से जुड़े सभी एजेंट, हम्माल एवं बस मालिक मंगलवार की सुबह नाका नंबर एक पर स्थित बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष जमा हुए, जहां सभी ने बस संचालन प्रारंभ करने के लिए बस संचालको की समस्याओं का निराकरण किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की, इसके उपरांत रैली के शक्ल में नारेबाजी करते हुए बस संचालन से जुड़े लोगों ने बैतूल के लिए निकले। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारी अद्र्धनग्ग्र अवस्था में नजर आए, जो सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुलताई से बैतूल के बीच 50 किमी का पैदल सफर किया ।
चालकों, एजेंटों, हम्मालों पर ज्यादा असर
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 दिन पूर्व सभी बस संचालकों एवं एजेंटों ने बैठक लेकर सर्वसम्मति से टैक्स माफ किए जाने की मांग की थी, साथ ही मांग पूरी ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसी बैठक में आंदोलन की रूपरेखा भी बनाई गई थी। अंबेडकर चौक से प्रारंभ हुए मार्च में शामिल बस एजेंटों ने बताया कि बस संचालन बंद होने का सबसे ज्यादा प्रभाव बस एजेंट, हम्मालों और चालकों पर पड़ा है। जिनकी आजीविका का एकमात्र साधन बस हुआ करती थी और आज उन्हें किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिल पा रही है, जिससे यह गरीब परिवार आर्थिक बदहाली का जीवन गुजार रहे हैं।
50 लाख का मांगा बीमा
बस संचालकों की मुख्य मांग है कि लॉक डाउन के दौरान बसे खड़े रहने के बावजूद सरकार पूरा टेक्स वसूल रही है, जबकि तत्काल पूरा टेक्स माफ किया जाना चाहिए, साथ ही बस स्टाफ को कोरोना योद्धा की तरह 50 लाख का बीमा उपलब्ध कराया जाए। बस मालिको का कहना है कि शासन प्रशासन बिना टेक्स माफ किए ही बसो के संचालन के लिए कह रहा है जबकि लाक डाउन के चलते आर्थिक संकट झेल रहे बस मालिक इसके लिए तैयार नही है। प्रशासन द्वारा कहा जा रहा है कि यदि बसो का संचालन शुरू नही हुआ तो वे परमिट निरस्त कर देंगे।
बसों में आग लगाने दी चेतावनी
खान बस के मालिक समीम खान ने कहा की यदि बिना टेक्स माफ किए बसो का संचालन संभव नही है, और यदि परमिट निरस्त होते है तो हम अपनी बसो मे आग लगा देंगे। उल्लेखनीय है कि मुलताई मे लगभग 15 बस सर्विस है जिनकी करीब 150 बसे संचालित होती थी, जिसमे करीब एक हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और एक हजार से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता था जिससे उनका परिवार चलता था, आज इन सभी परिवारों की स्थिति अत्यंत जटिलताओं से गुजर रही है। शासन को चाहिए कि बस संचालन से जुड़े इन गरीब परिवारों के आर्थिक मदद के लिए योजनाएं बनाएं। इस बैठक मे बस मालिक समीम खान, अमन शुक्ला, पप्पू पवार, रामकरण सिमैया, बस एजेंट यूनियन के अध्यक्ष किशन उदासी, उपाध्यक्ष बाबू पठान, सचिव सतिस बारंगे, सन्तोष रॉय, अब्दुल कादिर, शेख रिंकू, रिंकू पवार और गोलू हमाल आदि मौजूद थे।
बेहोश हुए शमीम खान
अपनी मांगों के निराकरण के लिए मुलताई से पैदल चलकर बैतूल आ रहे बस मालिक हाजी शमीम खान ससुन्द्रा-पंखा के आगे अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। इस दौरान साथ चल रही प्रदर्शनकारियों ने उन्हें उठाया और पानी पिलाने के बाद वे होश में आए। साथियों ने उसने वाहन में बैठने का आग्रह किया। बताया जा रहा है कि संभवत: पैदल चलने की वजह से वह बेहोश हो गए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सैकड़ों की तादाद में कलेक्टर ऑफिस के सामने जिलेभर से कंडक्टर, ड्राइवर, हेल्पर और बस मालिक जमा हुए और ज्ञापन अपर कलेक्टर जेपी सचान को सौंपा । अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया की आपकी सारी मांगे हम ऊंचे अधिक अधिकारी तक पहुंचा देंगे समक्ष ।




