मध्य प्रदेश :- ( बैतूल ) आमतौर पर खाकी वर्दी से लोग खौफ खाते हैं. लेकिन मध्य प्रदेश के बैतूल में खाकी वर्दी के अंदर छिपी हमदर्दी देखने को मिली है. बैतूल की एडिशनल एसपी श्रद्धा जोशी ने एक ऐसे बुजुर्ग दंपति की मदद की जिन्हें उनके बच्चों ने छोड़ दिया है. इस बुजुर्ग दंपति के सामने जीवन यापन की समस्या है. ऐसे में एडिशनल एसपी उनकी मदद के लिए आगे आईं और इस बुजुर्ग दंपति के घर में खाने-पीने की व्यवस्था की.
दरअसल बैतूल में एक बुजुर्ग महिला एसपी आफिस जा पहुंची. इस महिला का नाम झमुआ बाई बताया जा रहा है. महिला ने एसपी को फूल देकर उनका अभिवादन किया.
एसपी और एडिशनल एसपी श्रद्धा जोशी ने बुजुर्ग महिला से उनकी परेशानी के बारे में पूछा. बुजुर्ग महिला ने बताया कि कई साल पहले उनके बच्चों ने उन्हें छोड़ दिया था. इसके बाद से बुजुर्ग महिला अपने पति के साथ दूसरे व्यक्ति के खेत में बने एक घर में अपनी बची हुई जिंदगी बिता रहे हैं.
बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके सामने कई बार खाने-पीने की समस्या सामने आ जाती है. बुजुर्ग महिला की दु:ख भरी कहानी सुनकर पुलिस अधिकारियों का दिल पसीज गया और वर्दी के पीछे की हमदर्दी जाग गई. गुरुवार की शाम एडीशनल एसपी श्रद्धा जोशी खुद बुजुर्ग दंपति से मिलने गईं और उन्हें एक माह का राशन देकर आईं. उन्होंने इस दंपति को आश्वसन दिया कि वह आगे भी उनकी मदद करेंगी.
बताया जा रहा है कि इसके पहले लॉकडाउन के दौरान किसी व्यक्ति ने इस दंपति के साथ मारपीट की थी. तब वे शिकायत लेकर गंज थाना आए थे. उस समय तत्कालीन थाना प्रभारी और ट्रेनी डीएसपी संतोष पटेल ने भी इस बुजुर्ग दंपति की मदद की थी.


