ड्रग्स माफ़िया की गिरफ़्तारी और महिला पुलिस ऑफ़िसर पर 'मुख्यमंत्री के दबाव' की कहानी ।
मणिपुर में एक महिला पुलिस अधिकारी ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और सत्ताधारी भाजपा के एक शीर्ष नेता पर गिरफ़्तार ड्रग माफ़िया को छोड़ने के लिए उन पर 'दबाव' डालने का आरोप लगाया है.
ये आरोप इसलिए गंभीर हैं क्योंकि मणिपुर पुलिस सेवा की अधिकारी थौनाओजम बृंदा (41 साल) ने ये सारी बातें 13 जुलाई को मणिपुर हाई कोर्ट में दाख़िल किए गए अपने हलफ़नामे में कही हैं.
दरअसल राज्य के नारकोटिक्स एंड अफ़ेयर्स ऑफ़ बार्डर ब्यूरो में तैनाती के दौरान बृंदा ने 19 जून 2018 को लुहखोसेई जोउ नामक एक हाई प्रोफ़ाइल ड्रग माफ़िया को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ़्तार किया था.
पुलिस ने ड्रग्स माफ़िया जोउ समेत कुल सात लोगों को करीब 28 करोड़ रुपये से अधिक क़ीमत के अवैध नशीले पदार्थों और नकदी के साथ पकड़ा था.पुलिस अधिकारी बृंदा ने अपने हलफ़नामे में बताया है कि जिस समय वो अपनी टीम के साथ ड्रग माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ छापेमारी की कार्रवाई कर रही थीं उसी दौरान बीजेपी के एक नेता ने उन्हें वॉट्सऐप कॉल करके मुख्यमंत्री बीरेन सिंह से बात करवाई थी.
इस मामले को लेकर मणिपुर की सियासत काफ़ी गरमा गई है क्योंकि मुख्य आरोपी और इलाके में ड्रग्स का कथित सरगना जोउ चंदेल ज़िले में एक प्रभावशाली बीजेपी नेता थे. जिस समय उन्हें गिरफ़्तार किया गया था उस दौरान वो चांदेल ज़िला स्वायत्तशासी परिषद् के अध्यक्ष थे.

