कोरोना पर पीएम मोदी के साथ मीटिंग पर भड़कीं ममता, कहा- हमको बोलने भी नहीं दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के जिला अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से संवाद किया.
नई दिल्ली 20 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के जिला अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से संवाद किया. इस बैठक में बंगाल से कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था.
उधर पीएम की बैठक संपन्न होने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक प्रेस वार्ता कर केंद्र की मोदी सरकार और पीएम पर आरोपों की बारिश की. उन्होंने दावा किया कि पीएम द्वारा आहूत बैठकों में राज्यों को बोलने नहीं दिया जाता. बनर्जी ने अपने समकक्ष मुख्यमंत्रियों से आह्वान किया कि उन्हें इसका विरोध करना चाहिए.
10 राज्यों के डीएम के साथ पीएम मोदी की बातचीत पर कहा ममता ने कहा- 'यदि राज्यों को बोलने की अनुमति नहीं थी तो उन्हें क्यों बुलाया गया. बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर सभी मुख्यमंत्रियों को विरोध करना चाहिए.'
ममता का दावा- राज्यों को बोलने नहीं दिया गया
ममता ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि बैठक में दस राज्यों के सीएम मौजूद थे. बतौर मुख्यमंत्री मैं जब बैठक में थी तो मैंने जिलाधिकारी को नहीं शामिल होने दिया. सीएम ने आरोप लगाया कि बैठक में सिर्फ भाजपा के कुछ मुख्यमंत्रियों और पीएम मोदी ने अपनी बात रखी. हमें नहीं बोलने दिया गया. बाकी सभी सीएम चुप बैठे रहे. किसी ने कुछ नहीं कहा.
टीएमसी सुप्रीमो ने दावा किया कि उन्हें वैक्सीन के संदर्भ में बोलना था लेकिन उनको बोलने का मौका नहीं दिया गया. ममता ने कहा- पीएम कह रहे हैं कि कोरोना कम हो रहा है, लेकिन पहले भी ऐसा ही कहा गया. हम तीन करोड़ वैक्सीन की मांग रखने वाले थे लेकिन हमें कुछ नहीं कहने दिया गया. हमें इस माह 24 लाख वैक्सीन मिलनी थी लेकिन सिर्फ 13 लाख वैक्सीन ही मिली.
सीएम ने आरोप लगाया कि राज्य को रेमेडिसिविर भी नहीं दी गई और पीएम मोदी मुंह छिपा कर भाग गए. ममता ने कहा कि जब देश संकट के दौर से गुजर रहा है तो पीएम बहुत सी सामान्य रुख इस्तेमाल कर रहे हैं. उ्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के संघीय ढांचे का नुकसान किया.
ममता ने कहा कि ऑक्सीजन, दवा, वैक्सीन कुछ भी मौजूद नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र के फार्मूले पर चले तो इनके 10 साल इंतजार करना पड़ेगा.

