कोरोना यदि लघु स्तर पर भी मौजूद है, तो भी सतर्कता बहुत जरूरी,वैक्सीन की बर्बादी रोकें - PM का जिला अधिकारियों से संवाद
जिलाधिकारियों से मीटिंग के बाद पीएम मोदी बोले- एक्टिव केस कम होना शुरू लेकिन चुनौती बरकरार.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के मद्देनजर देश के दस राज्यों के 54 और (DM) जिलाधिकारियों से बातचीत की.
नई दिल्ली 20 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के 54 और (DM) जिलाधिकारियों से बातचीत की.
जिला अधिकारियों से उनके क्षेत्रों में कोरोना की जानकारी, उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों और कठिनाइयों की जानकारी लेने के बाद अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि बीते कुछ समय से देश में एक्टिव केस कम होना शुरू हुए हैं. लेकिन आपने इन डेढ़ सालों में ये अनुभव किया गया है कि जब तक ये संक्रमण माइनर स्केल पर भी मौजूद है, तब तक चुनौती बनी रहती है.
पीएम ने कहा कि अपने जीवन से ठीक से काम करें और नियमित रूप से लागू करें और प्रभावी नीतियों को लागू करने में मदद करें.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछली महामारियां हों या फिर ये समय, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है. महामारी से डील करने के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर इनोवेशन बहुत ज़रूरी है. ये वायरस म्यूटेशन में, स्वरूप बदलने में माहिर है, तो हमारे तरीके और रणनीतियां भी गतिशील होने चाहिए.
जीवन को आसान बनाए रखने की भी प्राथमिकता- PM
वैक्सीनेशन के संबंध में पीएम ने कहा कि एक विषय वैक्सीन वेस्टेज का भी है. एक भी वैक्सीन की वेस्टेज का मतलब है, किसी एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं दे पाना. इसलिए वैक्सीन वेस्टेज रोकना जरूरी है
प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन बचाने के साथ-साथ हमारी प्राथमिकता जीवन को आसान बनाए रखने की भी है. गरीबों के लिए मुफ्त राशन की सुविधा हो, दूसरी आवश्यक सप्लाई हो, कालाबाज़ारी पर रोक हो, ये सब इस लड़ाई को जीतने के लिए भी जरूरी हैं, और आगे बढ़ने के लिए भी आवश्यक है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरी लहर के बीच वायरस म्यूटेशन की वजह से अब युवाओं और बच्चों के लिए ज्यादा चिंता जताई जा रही है. आपने जिस तरह से फील्ड पर काम किया है इसने इस चिंता को गंभीर होने से रोकने मदद तो की है, लेकिन हमें आगे के लिए तैयार रहना ही होगा.
पीएम द्वारा आहूत बैठक में केरल, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश ,राजस्थान, ओडिशा, झारखंड ,राजस्थान, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के जिलाधिकारी शामिल रहे.
इससे पहले मंगलवार को पीएम ने देश के अलग-अलग राज्यों के अधिकारियों और 46 जिला मजिस्ट्रेटों से संवाद स्थापित किया था.

