मध्यप्रदेश में कोरोना के बाद लगातार ब्लैक फंगस लगातार बढ़ रहा है। इसकी भयावहता को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने राज्यों से इस बीमारी को महामारी घोषित करने के लिए कहा था। इससे पहले तमिलनाडु, ओडिशा, असम, पंजाब ने म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस को महामारी रोग अधिनियम के तहत अधिसूचित किया है। राजस्थान पहले ही इसे महामारी के तहत अधिसूचित कर चुका है।
प्रदेश के 8 मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए आरक्षित 420 बेड पर 361 मरीज भर्ती हैं। खास बात है, राजधानी के हमीदिया अस्पताल में ब्लैक फंगस के लिए 80 बेड आरक्षित हैं, लेकिन यहां 90 मरीज भर्ती हैं।
भोपाल संभाग में अगले 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू रहेगा। इस बार सख्ती भी ज्यादा रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर व रायसेन के कलेक्टराें को 10 दिन तक सख्ती बढ़ाने को कहा है। शुक्रवार को भोपाल संभाग के जिलों की क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में शिवराज सिंह ने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री भी अपने-अपने जिलों को कोरोना मुक्त करने की जिम्मेदारी लें। बैठक में तय हुआ कि भोपाल में 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधि और अफसरों को टेस्टिंग बढ़ाने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि हर वार्ड, पंचायत में कोई भी नया पॉजिटिव नहीं बढ़ेगा, यह तय करें। उन्होंने कहा कि ट्रैसिंग जरूरी है। पहली लहर में हुई थी, इसलिए केस नहीं बढ़ पाए। क्याेंकि टोटल लॉकडाउन था, लेकिन दूसरी लहर में ऐसा नहीं हो पाया। अब केस कम हो रहे हैं, ऐसे में केस ट्रैसिंग करना आसान होगा। बैठक में मंत्री और सांसद भी मौजूद रहे।
