रिधोरा का 12 वर्षीय दिव्यांग बालक ब्रेनहेमरेज से पीड़ित, पिता ने लगाई मदद की गुहार। आप भी कर सकते है सहायता।
Multai News . मुलताई क्षेत्र के ग्राम रिधोरा में एक 12 वर्षीय दिव्यांग युवक ब्रेन हेमरेज के बाद जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। परिवार में बालक के पिता एवं उसकी बहन भी दिव्यांग है, ऐसे में उसके इलाज में समस्या या रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने से परिजन भी उसका उपचार नहीं करा पा रहे हैं।अचानक बच्चे का स्वास्थ्य खराब होने पर ग्रामीणों ने आपस में चंदा कर उसे नागपुर भेजा था,लेकिन अब पैसे खत्म हो गए है, इसलिए उसे वापस गांव ला लिया गया है।इलाज के लिए उसे और पैसे की आवश्यकता है, नागपुर से उसे भोपाल एम्स रेफर किया गया है, लेकिन घर में बच्चे की मदद करने के लिए कोई नहीं है,क्योंकि उसके पिता और उसकी बहन भी दिव्यांग है, उसकी माता की मौत पहले ही हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि रिधोरा निवासी हरि मानमुड़े के पुत्र पीयूष(12साल) को ब्रेन हेमरेज हो गया है। पीयूष शारीरिक तौर पर दिव्यांग है, वही हरि नहीं भी दिव्यांग है, उनकी एक बेटी भी दिव्यांगता का दंश झेल रही है। पीयूष की हालत खराब होने पर ग्रामीणों ने तुरंत आपस में चंदा के बच्चे को नागपुर के लता मंगेशकर अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन वह पैसे खत्म हो जाने के बाद उसे भोपाल रेफर कर दिया गया है। गांव के कुछ लोग बच्चे का उपचार करवा रहे हैं ल,लेकिन अब पैसे की समस्या खड़ी हो गई है, ऐसे में बच्चे के पिता हरि ने सभी से मदद का आग्रह किया है।
व्यापारियों ने की मदद..
इस मामले की जानकारी मिलने पर मुलताई के समाजसेवी एवं व्यापारी हनी सरदार द्वारा बच्चे के लिए ₹21 सौ की मदद दी गई है। वहीं प्रकाश गिरहारे द्वारा ₹500 एवं अन्य लोगों द्वारा भी मदद की गई।अन्य लोगो द्वारा भी मदद की जा रही है। बच्चे की मदद करने के लिए समाजसेवी हनी सरदार (9301266511) से संपर्क किया जा सकता है।


