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खट्टी मीठी यादो के साथ शिक्षक आशीष वस्त्रकार का अभिनंदन

सेवानिवृति पर नंदन संकुल स्टॉफ ने आयोजित किया अभिनंदन समारोह

दमुआ (चेतन मिश्रा) शिक्षक की नौकरी में ईमानदारी ,समय की पाबंदी ,पाठ्यक्रम की पूर्ति के साथ यह भी देखा जाता है कि आप शिक्षक के रूप में बच्चों तथा समाज को क्या दे रहे है ।इसलिए मेरा पूरे शिक्षक परिवार से आग्रह है कि वे इन कसौटियों पर खरे उतरने का प्रयास करे ।यह बात शिक्षक आशीष वस्त्रकार ने सेवा निवृति पर आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में कही ।उन्होंने कहा शिक्षक कभी अपने सामाजिक दायित्वों से निवृत नही होता बल्कि शासकीय सेवा के बाद समाज के प्रति उसके दायित्व और बढ़ जाते है ।


अपनी निश्छल मुस्कान और सहज, सरल स्वभाव से बच्चों और शिक्षकीय स्टॉफ का दिल जीत चुके शिक्षक आशीष वस्त्रकार के सम्मान में बुधवार नंदन संकुल के 48 प्राइमरी तथा मिडिल स्कूल के स्कूली बच्चों और साथी शिक्षकीय स्टॉफ ने शानदार अभिनंदन समारोह आयोजित किया।

36 वर्षो की अनवरत शिक्षा सेवा से निवृति पर ट्राइबल विभाग के जुन्नारदेव बीईओ एम आई खान संकुल प्राचार्य आर के दुबे प्रभारी बीआरसी एम पी दीयावार ने संकुल शिक्षकीय स्टाफ की ओर से शाल श्रीफल  तथा स्मृति चिह्न भेंट किया । इस मौके पर बीईओ एमआई खान तथा संकुल प्राचार्य आर के दुबे ने शिक्षक आशीष वस्त्रकार के शिक्षकीय व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें शिक्षक के साथ साथ समाजसेवी और योग गुरु के रूप में उनकी सेवाओं की तारीफ की ।अपेक्षा भी की गयी क़ि सेवानिवृति के उपरांत भी वे समय समय पर बच्चों तथा विभाग को सहयोग देते रहे ।






शिक्षक आशीष वस्त्रकार के अभिनदंन समारोह में बालक मिडिल स्कूल छात्रों के साथ के साथ पूरे स्टॉफ ने उनके स्वस्थ तथा दीर्घायु जीवन की कामना की। संस्था प्राचार्य आर के दुबे प्रधान पाठक सहपाल  शाह टेकाम जनशिक्षक राजू निर्मलकर सत्य नारायण राजपूत रवि दवंडे ओपी सोनी मुकेश झा संजू हल्दिया अमर सातनकर सुशीला भारती  रूपेश श्रीवास्तव अरविंद कवरेती मिश्री लाल कैथवास सद्दू सिंह ठाकुर सभी ने उनके साथ बिताये शैक्षणिक सेवा के लम्हों को याद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । शिक्षक आशीष वस्त्रकार  के व्यक्तित्व पर अपने विचार प्रकट करते सभी वक्ताओं का गला रुंध गया था । विछोह का उतना ही दर्द आशीष वस्त्रकार को भी था।  प्राचार्य आर के दुबे ने उन्हें ईमानदार तथा अपने कार्य के प्रति निष्ठावान बताते हुए कहा शिक्षक आशीष वस्त्रकार ने अपना पूरा सेवाकाल बिना किसी तरह के शिकवे शिकायत के साथ बिताया है।उनका अनुशासनप्रिय व्यक्तित्व स्टॉफ और छात्रो दोनों के लिए अनुकरणीय बन गया है । अपने सम्मान में आयोजित समारोह से शिक्षक श्री वस्त्रकार भी भावुक हो उठे । अपने आशीर्वचनों में उन्होंने सबको सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और भूल से भी हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगी ।


शिक्षक आशिष वस्त्रकार का अध्यापन सफर 23 अगस्त सन 1986 से शुरू हुआ था ।शासकीय बालक प्राथमिक शाला नंदन में उनकी पहली पोस्टिंग बतौर सहायक शिक्षक हुई थी । जून 2012 में उन्हें पदोन्नति मिली और वे बालक माध्यमिक शाला नन्दन में उच्च श्रेणी शिक्षक बन गए।सन् 86 से 2022 तक 36 वर्षो का उनका सेवाकाल निर्विवादित और सबके लिए अनुकरणीय बन गया ।

अंतिम दिन उनके बेटे मयंक बेटी श्रद्धा पत्नी अनिता  भी अपने शिक्षक पिता के अभिनंदन समारोह के साक्षी बने । कक्षा नौ के छात्र अंकित काशी ने भी अपने गुरु को भेंट देकर उनके चरण छुए ।





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