मां ताप्ती की संपूर्ण परिक्रमा पदयात्रा पहुंची समुद्र संगम स्थल, पद यात्रियों ने पूजा कर जल समुद्र में अर्पित किया।
मां ताप्ती के उद्गम स्थल मुलताई से विगत 2 जनवरी को प्रारंभ हुई मां ताप्ती संपूर्ण परिक्रमा पदयात्रा गुरुवार समुद्र संगम स्थल डुमस गुजरात पहुंच समुद्र पार कर चुकी है। बुधवार शाम डुमस में समुद्र संगम स्थल पर पद यात्रियों द्वारा विधि विधान से पूजन कर मां ताप्ती का जल समुद्र में अर्पित किया। मुलताई से परिक्रमा पदयात्रा के संचालक राजू पाटनकर शामिल हुए। पदयात्रा का स्वागत करने सूरत से डुमस पहुंचे। राजू पाटनकर ने बताया कि सूरत में रहने वाले मुलताई क्षेत्र के लोगो ने जो वर्तमान में वे सूरत में व्यवसाय कर रहे हैं। जब उन्हे मुलताई से मां ताप्ती की परिक्रमा पदयात्रा पहुंचने की सूचना मिली तो वे पदयात्रा का स्वागत करने डुमस पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि मां ताप्ती के पद यात्रियों से मिलकर उन्हें अपार हर्ष हुआ है तथा वे पदयात्रियों की सेवा में जुट गए हैं।इधर पदयात्रा में शामिल राजू पाटनकर ने बताया कि डुमस पहुंचने के उपरांत अब यात्रा वापस मुलताई की ओर रवाना होगी।गांव गांव में मां ताप्ती के तटों को स्वच्छ रखने, नदी को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील ताप्ती तट निवासियों से की जाएगी। आज सुबह यात्रियो ने समुद्र पार किया और वापसी के लिए रवाना हुए।
63 दिन में होगी 18 सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा...
समिति के राजू पाटणकर ने बताया कि 63 दिन में 1800 किलोमीटर की पैदल यात्रा होगी। जिसमें हजारो की संख्या में श्रद्धालु पैदल चलेंगे। यात्रा ताप्ती उद्गम से शुरू होकर वापस ताप्ती उद्गम पर ही समाप्त होगी। इस दौरान यह ध्यान रखा जाता है कि नदी को कहीं क्रॉस न किया जाए।
