मुलताई। किसान संघर्ष समिति द्वारा प्रदेश भर में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के साथ जुड़े संगठनों के साथ मिलकर प्रदेश में गर्व से कहो हम किसान है के नारे के साथ किसान सम्मान दिवस मनाया गया।
किसान संघर्ष समिति की 18 जिला इकाइयों द्वारा इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किये गए।
किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने फेसबुक लाईव और वीडियो के माध्यम से किसानों को संबोधित करते हुये कहा कि सरकारों ने आजादी के बाद किसान, किसानी और गाँव को खतम करने की सुनियोजित साजिश की है, जिसके चलते खेती घाटे के पेशे में तब्दील हो गई है । पाँच लाख किसान आत्महत्या को मजबूर हुए है तथा करोड़ों ग्रामीणों को रोजी रोटी की तलाश में शहरों की ओर पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है । कोरोना संक्रमण के दौरान अचानक प्रधानमंत्री द्वारा लॉकडाउन कर दिये जाने के कारण आठ करोड़ प्रवासी मजदूर शहरों से गाँव लौटने के लिए मजबूर हुये है जिनमें से सैकड़ों की मौत रास्ते में हो गई है । इस स्थिति में देश के किसान संगठन खेती को पुनर्जीवित करने के लिए 'गर्व से कहो, हम किसान हैं' के नारे के साथ कर्जामुक्ति, समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी, हर किसान परिवार को दस हजार रू सम्मान निधि एवं कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। मुलतापी के जौलखेड़ा ग्राम में कार्यक्रम जगदीश दोड़के के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
जिसमें किसानों की बेटियों ने हाथ मे 'मुझे गर्व है ,मैं किसान की बेटी हूँ ,की तख्तियां दिखाकर किसान दिवस मनाया ।
