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6 साल से मनीष शर्मा की माँ अपने बेटे की मौत की सही वजह जानने के लिये भटक रही है ।

 *6 साल से मनीष शर्मा की माँ अपने बेटे की मौत की सही वजह जानने के लिये भटक रही है । *

* क्या हूआ था 15 अक्टूबर 2015 को ? * 

* क्या मनीष शर्मा की मौत का संबंद्ध नशीले प्रदार्थ के सौदागरों से था ?*

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*6 साल से मनीष शर्मा की माँ अपने बेटे की मौत की सही वजह जानने के लिये भटक रही है । *

बैतूल ( ✍ पाशा खान ) -  03/03/2021 बुधवार को राधा पति स्व हेमचन्द्र इन्दौर निवासी ने पुलिस अधीक्षक जिला बैतूल को सिकायत की । जिसमें 6 साल पहले अपने बेटे मनीष शर्मा के साथ घटी घटना को संज्ञान में लाया। और इन्साफ की गुहार लगायी । 
क्या हूआ था 15 अक्टूबर 2015 को ? 

नेशनल हाईवे पर मालेगांव के पास छह साल पहले बोलेरो पलटने से ड्राइवर की मौत हो गई थी। घटना के समय बोलेरो में सवार यात्री ने पुलिस को गुमराह करते.. हुए ड्राइवर को पहचानने से इंकार कर दिया था। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ था की वाहन में सवार यात्री ड्राइवर के गांव का था और वह उसे अच्छे से पहचानता था। 15 अक्टूबर 2015 को सुबह मालेगांव के पास बोलेरो पलट गई थी। ड्राइवर मनीष शर्मा निवासी नागदा की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी

यात्री रामलाल राठौर ने घटना की सूचना पुलिस को दी थी। इस दौरान रामलाल ने पुलिस को बताया था कि वह बैरगढ़ से नागपुर जाने के लिए बोलेरो में सवार हुआ था। ड्राइवर को नहीं पहचानता है। ड्राइवर की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने पीएम कराकर शव दफना दिया था। इसके बाद रामलाल राठौर नागदा पहुंच गया घटना के 3 दिन बाद मनीष के बड़े भाई रवि शर्मा को नागदा में दिखा था लेकिन उसने मनीष की कोई जानकारी नहीं दि , घटना के 13 दिन बाद मनीष शर्मा के परिजनों को नागदा पुलिस द्वारा घटना की जानकारी प्राप्त हुई । जानकारी मिलने पर मनीष शर्मा के भाई ने रामलाल को फोन कर घटना के बारें में जानना चाहा तो रामलाल ने बताया हमारी गाड़ी का मुलताई में एक्सीडेंट हो गया था में 12 दिनों से बेहोश था मुलताई में हास्पिटल में हुँ आप मुलताई आ जाईए में आपको यही मिलुगा फिर अगले दिन परिजन मुलताई पहुंचे मुलताई आ कर परिजनों ने रामलाल को कई बाद फोन किया लेकिन उसका मोबाइल लगाता बंद ही आ रहा था फिर परिजन मुलताई पुलिस थाने पहुंचे। मृतक के परिजनों ने मनीष की हत्या होने की आशंका जताते हुए पुलिस के उच्च अधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना की। विवेचना में खुलासा हुआ कि रामलाल राठौर नागदा निवासी होने के चलते मनीष को पहले से पहचानता था। इसके बाद भी रामलाल राठौर ने पुलिस को गुमराह किया। पुलिस ने नागदा पहुंचकर रामलाल को पूछताछ के लिए मुलताई लाया गया था ।


* क्या मनीष शर्मा की मौत का संबंद्ध नशीले प्रदार्थ के सौदागरों से था ?*


मृतक मनीष शर्मा के भाई रवि शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करके जानकारी दि की मुलताई में कुछ दिनों पहले नशीले पदार्थ के आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है यह जानकारी मुझे सोशल मीडिया से और पेपर के माध्यम से पता चली है रवि शर्मा ने वीडियो के माध्यम से बताया कि मेरा भाई भी मनीष शर्मा कुछ अवैध गतिविधियों में सम्मिलित था जिसे मुझे उस पर शक था उसका हमेशा मुलताई आना जाना लगा रहता था हो सकता है मुलताई में जो नशीले पदार्थ के आरोपी पकड़े गए हैं उनसे मेरे भाई का संबंध हो और इसी के चलते उसकी हत्या हुई हो..फिलहाल यह जांच का विषय है

मनीष शर्मा की मां ने एसपी शिमला प्रसाद के पास आवेदन देकर अपने बेटे को इंसाफ की मांग की है

आवेदिका द्वारा दिया गया ज्ञापन इस तरह है ।

" महोदया में राधा शर्मा पति स्व हेमचन्द्र शर्मा निवासी नागदा जिला उज्जैन वर्तमान पता इंदौर म.प्र . आपसे निवेदन करती हूँ की मेरे पुत्र स्व . मनीष शर्मा की हत्या के केस में 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई उचित कार्यवाही नहीं हुई है आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहा है और अपने अवैध धंधे कर रहा है । मै आपको बताना चाहती हूँ की 15 अक्टूबर 2015 को मेरे पुत्र मनीष शर्मा का शव संदिग्ध अवस्था में मुलताई जिला बैतूल के पास हाईवे पर मिला था उस समय उसका बचपन का मित्र रामलाल राठौर भी उसके साथ घटना स्थल पर मौजूद था फिर भी उसने मेरे पुत्र को अज्ञात बताया था और मुलताई पुलिस ने शव का अज्ञात में मर्म कायम करके पोस्ट मार्टम कर दिया था अज्ञात शव की सुचना जिले या प्रदेश के किसी भी पुलिस कंट्रोल रूम में नहीं दी गई थी अगले दिन 16 अक्टूबर 2015 को मुलताई के पत्रिका समाचार और राष्ट्रीय जानादेश समाचार में इस घटना का जो समाचार छपा था उसमे मेरे पुत्र का नाम मनीष शर्मा लिखा हुआ था फिर मेरा पुत्र अज्ञात कैसे हुआ | घटना के 12 दिन बाद 26 अक्टूबर 2015 को मुझे और मेरे परिवार को मेरे पुत्र की मृत्यु की जानकारी नागदा मंडी थाने द्वारा प्राप्त हुई थी । मेरे कुछ सवाल है घटना के समय मनीष के साथ मनीष का मित्र मौजूद था फिर उसने उसे अज्ञात क्यों बताया मनीष हमेशा अपने साथ में पर्स जिसमे आधार कार्ड वोटर आई डी कार्ड साथ रखता था मनीष के पास हमेशा 2 मोबाइल होते थे जिसका कुछ पता नहीं है घटना स्थल पर जो बोलेरो वाहन पाया गया था उसकी भी जानकारी नहीं मिल पायी है । मैं आपको बताना चाहती हूँ आरोपी रामलाल राठौर हमारे जिले में अवैध तस्करी का कार्य कई सालों से करता आ रहा है और वर्तमान में भी कर रहा है मुझे यकीन है की आरोपी ने मेरे पुत्र को अवैध गतिविधियों में सम्मिलित किया था जिसमे किसी विवाद को लेकर मेरे पुत्र की रामलाल ने हत्या कर दी , अभी वर्तमान में मुलताई में जो अफीम तस्करी का जो मामला हुआ है उसमे रामलाल राठौर भी शामिल हो सकता है क्योकि इसके राजस्थान , मंदसौर , नीमच से कई अवैध धंधे चलते है ।महोदया मै एक विधवा महिला हूँ मेरे पति की 13 मार्च 2015 को कैंसर के उपचार के दौरान हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई थी तभी से मै बहुत परेशान हूँ तथा पुत्र की मृत्यु के बाद से मेरा स्वास्थ्य और अधिक ख़राब रहने लग गया है मेरे बड़े पुत्र रवि शर्मा पर भी आरोपी ने कई बार जानलेवा हमला करने की कोशिश की थी इसी कारण मुझे नागदा जिला उज्जैन छोड़ना पड़ा । महोदया आपसे विनम्र निवेदन है की मेरे पुत्र की हत्या की उचित जाँच कराइये और दोषियों को उनके किये की सजा दिलाइये ।"

अब देखना यह होगा कि क्या  इस केस में कोई नया मोड़ आता है या फिर मां अपने बेटे  मौत की वजह जानने के लिए दर-दर भटकते रहेंगी

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