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गर्भवती महिला स्वस्थ रहकर एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे,ताकि मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके इस हेतु जीडीएम दिवस मनाया गया।

गर्भवती महिला स्वस्थ रहकर एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे,ताकि मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके इस हेतु जीडीएम दिवस मनाया गया।


मूलताई । आज दिनांक 10.3.2021 को सीएचसी मुल्ताई सहित सभी 32 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर जी डी एम दिवस मनाया गया, गर्भावस्था में अन्य दूसरी जांचों में एक जांच और होती है जिसे जी डी एम जांच कहते हैं ,की जाती है,इस जांच में गर्भवती महिला का पंजीयन कर, प्रथम तीन माह में पहली बार 300 एम एल पानी में 75 ग्राम ग्लूकोज मिलाकर अच्छी तरह घोल कर,धीरे धीरे पिला कर दो घंटे बाद जांच करते हैं,यदि रीडिंग 139 तक आती है,तो नॉर्मल माना जाता है , फिर उसी गर्भवती महिला को जांच हेतु पुनः 24 से 28 सप्ताह के बीच बुलाया जाता है,पुनः वही प्रक्रिया की जाकर रीडिंग देखकर हितग्राही को समझाइश दी जाती है, 
यदि पहली बार जांच में महिला की जी डी एम रीडिंग 139 से ज्यादा आती है तो उक्त गर्भवती महिला को  दिन भर में थोड़ा थोड़ा तीन बार नाश्ता ,तीन बार खाना खाने की सलाह,व्यायाम पोस्टर के माध्यम से करने हेतु एम एन टी,पर रखा जाता है और हर 15 दिन में उक्त जी डी एम पॉजिटिव गर्भवती महिला को जांच हेतु बुलाया जाता है, रीडिंग आधारित सलाह दी जाती है व डॉक्टर के माध्यम से उपचार दिया जाता है,उक्त जी डी एम पॉजिटिव महिला को संस्थागत प्रसव हेतु समझाइश दी जाती है, कारण कि यदि मां व होने वाले बच्चे को कोई प्राब्लम हुई तो उसका त्वरित उपचार कर सकें जिससे मां एवम् बच्चा स्वस्थ रह सके, और एक स्वस्थ परिवार का निर्माण किया जा सके, और ये समस्त जांचों का उद्देश्य है कि गर्भवती महिला स्वस्थ रहकर एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे,ताकि मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

GDM day was celebrated for keeping a healthy woman and giving birth to a healthy baby so that the maternal and infant mortality rate can be reduced.

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