Privatization / disinvestment of public industries is not in the interest of the country, oppose these policies of the government- Dr. Krishna Modi.
6 मार्च को राष्ट्रीय एटक यूनियन की वर्चुअल मीटिंग हुई जिसमे करीब 20 पदाधिकारी मीटिंग में शामिल हुए! बैठक में केन्द्रीय सरकार द्वारा 100 सार्वजनिक उपक्रमों में निजिकरण की घोषणा , 4 बैंको का निजीकरण ,4 श्रम संहिता लागू होने , मंहगाई ,किसान आंदोलन आदि मुद्दो पर विचार विमर्श हुआ। वही दिल्ली में हुई संयुक्त श्रमिक संगठनों की बैठक में लिए गए निर्णयों को अमल में लाने के लिए कई योजनाएं बनाई गई । डॉ मोदी ने कहा एटक ने अपनी संबंधित यूनियनों, कामकाजी लोगों और आम जनता से सरकार की इन नीतियों का विरोध करने का आह्वान करता है अगर समय रहते हमने एकता बनाकर नही लड़े तो इसका परिणाम आने वाली पीढ़ी पर दिखेगा!
उपरुक्त निर्णय लिए गए-
1. 15 मार्च 2021 को " निजीकरण विरोधी दिवस" मनाना!
2. 23 मार्च 2021 को शहीदे आजम भगत सिंह ,सुखदेव राजगुरु की " शहादत दिवस " मनाना!
3. 24 ,25 एवं 26 मार्च 2021 को जिला , ब्लॉक , कार्यस्थल , आदि जगहों पर धरना प्रदर्शन आदि करना !
उक्त कार्यक्रम में किसान संगठन भी सहयोग करेंगे!
डॉ कृष्णा मोदी
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष
एटक कोल उद्योग

