बैतूल। मोदी सरकार के 7 साल जनता के लिए एक दुस्वपन के बराबर रहा, नोटबंदी, जीएसटी, बेरोजगारी, और उसके साथ सी ए ए, कृषि बिल के लिए किसानों का आंदोलन जैसे बातें लगातार देश की जनता को परेशान करने वाली रही। इसी 7 साल में भारतीय जनता, उद्योग धंधे, और आर्थिक जगत के लिए घातक सिद्ध हुई। भारतीय अर्थव्यवस्था दिन-ब-दिन गिरती चली गई, लेकिन चोकाने वाली बात ये है कि लेकिन एशिया में दो भारतीय सबसे ज्यादा अमीर होते चले गए अंबानी और अडानी और यही मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। कारपोरेशन की सरकार मैं केवल बड़े उद्योग धंधों के लाखों लाख करोड़ों रुपए माफ किए गए, और दिन-ब-दिन जनता बेहाल होती चली गई छोटे धंधे, छोटे व्यापार ,और निम्न परिवार के लिए महंगाई चरम सीमा पर है। पेट्रोल 100rupay हो चुका है बेरोजगारी चरम सीमा पर है । कोरोनावायरस का मैनेजमेंट भी लाखो लोगों की असमय मौत मोदी सरकार की नाकामी का ही नतीजा है। 30 मई को भारतीय जनता पार्टी के द्वारा इसे उपलब्दी करके मानना और उत्सव की तरह इसे मनाना मेरी समझ से परे है। विपक्ष को चुप कराया जा रहा है। सेवा का ढकोसला किया जा रहा है। जब लोगो की मौतें हो रही थी, तब इसी पार्टी से जुड़े लोग के नाम कालाबाजारी में लिप्त पाए गए। इतनी भारी जान माल को क्षति होने के बाद भी उनके कार्यकर्ता 7 साल का प्रोग्राम बनाने का प्रयास कर रहे हैं। Corona की तीसरी लहर के इंतज़ार में भारत सहमा सहमा सा बैठा है। ज्ञात हो विपक्ष के द्वारा कुछ भी सवाल उठाए जाने पर एफ,आइ,आर की धमकी देकर उनको डराया जा रहा है और इस देश को दिशाहीन बना दिया गया है यह 7 साल भारतीय इतिहास के आजादी के बाद के 70 सालों के ऊपर बहुत भारी रहे।निजी करण के माध्यम से देश की दुर्गति और संपत्ति हाथ से निकलती चली जा रही है। सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाए जाने पर सरकार के मंत्री और उनके कुछ चुनिंदा संगठन के लोग आगे बढ़कर उनकी सारी नाकामी को छुपाने के लिए प्रयासरत रहते हैं।सात साल बेहाल" इसीलिए कहा रहा हूं। मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद से ही मानो देश पे कोई भारी विप्पती सी आ गई है। सेवा का ढोंग किया जा रहा है।लोग सबसे ज्यादा परेशान इन्हीं सात सालो मे ज्यादा हुए है,
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