नगर में नये नल कनेक्शन देने के नाम पर केवल वाह वाही लूट रही नगर पालिका। पानी के लिए तरस रहे नगरवासी।
पांढुर्णा से हमदर्द न्यूज के लिए प्रवीण वाहाने की रिपोर्ट...
पांढुरना:-नगर में नये नल कनेक्शन देने के नाम पर केवल वाह वाही लूटी जा रही,जब कि निये नल कनेक्शन देने के नाम पर नगर की जनता से दिसेम्बर 2019 को लाइन में लगाकर पहले नल के फार्म बाटे गए,फार्म भरने के बाद जनता से न.पा.का सम्पूर्ण बकाया टेक्स वसूल किया गया,नये नल कनेक्शन लेने के लिए डिसेम्बर 2020 को,चार हजार रुपये की राशि जमा कर,नल धारकों से नल की तिन बार शिकायत करने पर नल काटने का पांचसौ रुपये का शपथ पत्र भी नल धारकों से ले लिया गया,नगर में नये नल कलेक्शन नगर पालिका द्वारा लगा तो दिए परन्तु छे माह की अवधी होने के उपरांत भी नल से पानी देना भूल गए,अब प्रश यह उठता है,कि जनता द्वारा लिखित दिए गए शपथ पत्र के आधार पर अगर नल धारक इसकी शिकायत करते है तो अनुबंध के आधार पर नगर पालिका उनका नल कनेक्शन काट देगी,इसी भय से नए नल धारण शिकायत करने से घबरा रहे है,इसी के चलते जनता को छे मास की अवधि होने के उपरांत भी किसी ने इस विषय की लिखित शिकायत नही की अगर करते है तो जो नल कनेक्शन लेने उन्हें पांच वर्ष का इंतजार करने के उपरांत नल मिला है,वह नपा से कनेक्शन काट देने का डर बना हुआ है,जबकि इसकी मौखिक शिकायत नगर के 30 वार्डो के जनप्रतिनिधियों को जनता द्वारा की गई परन्तु इसका आज तक कोई समाधान नही निकला,क्षेत्र में दो प्रमुख पार्टियां है,जिसमे भाजपा नपा की सत्ता में बैठी है,और काग्रेस विपक्ष में परन्तु जनता की मूलभूत सुविधा के विषय पर प्रशासन से दोनों पार्टियों के जनप्रतिनिधि जनता हित मे बात रखने को तैयार नही है,इतनी भीषण गर्मी में पिने के पानी की भारी किल्लत के चलते नगर वाशियो ने नए नल कनेक्शन की आस में कोरोना काल के समय मे कर्जा एवम ब्याज से पैसा लेकर,नये नल कनेक्शन हेतु नगर पालिका में पिने के पानी हेतु जम्मा किये ,परंतु उन्हें आखिर पानी की आवश्यकता हेतु इधर-उधर भटकना ही पढ़ रहा है,जबकि 2012 की परिषद होते हुए,uidssmt योजना के तहत सम्पूर्ण नगर में करोड़ो की राशि से पाइपलाइन विस्तार का कार्य हुआ,परन्तु घटिया कार्य के चलते दस वर्ष की अवधि होने के उपरांत भी पाइप लाइन का सम्पूर्ण कार्य नही किया गया,नपा द्वारा केवल पाइपलाइन टेस्टिंग के नाम पर लाखो लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है, परन्तु जनता की प्यास बुझाने हेतु जनप्रतिनिधियों एव नपा के पास कोई उपाय दिखता नजर नही आ रहा।इसी के चलते आखिर नुकसान जनता का ही हो रहा है।