Due to the continuous attacks on the tribals in the state, it seems, is Madhya Pradesh now in the hands of the oppressors? District Coordinator Congress- Spencer Lal.
सुबह-सुबह मध्यप्रदेश के अखबारों में आए दिन आदिवासियों गरीब लोगों पर होते और बढ़ते अत्याचार को देखकर और ऐसी खबरों को पढ़कर रोज दिल मायूस होता जा रहा है क्या वाकई में अब मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है, क्या अब कानून के रखवाले यह सत्ता के नशे में चूर मंत्री और उनके कार्यकर्ता इस कदर घमंड और अहंकार से भर गए हैं कि उन्हें अब जनता का दुख नजर ही नहीं आता। ज्ञात हो कि शिवपुरी के किसी गांव में हुए एक आदिवासी परिवार पर हमला वह भी जिम्मेदार सरकार के जिम्मेदार लोगों के द्वारा मात्र सरकारी नल से पानी भरने जैसी जरूरत की चीज के लिए जाने पर कातिलाना हमला यही सोच को दर्शाता है कि अब धीरे-धीरे प्रदेश भाजपा राज में दबंगों के हाथ में जा रहा है आए दिन इस तरह की रोज घटनाएं देखने को मिलती है जब भाजपा के कार्यकर्ता एवं उन के नेता कभी शराब, कभी अवैध कामों, कभी रेत, और जुआ सट्टा ट्रांसफर कार्य में लिप्त पाए जाते हैं, अपनी ही बेटी के साथ बलात्कार करने तक से नहीं चूक रहे है। शर्म की बात है क्या भारत की संस्कृति ऐसी ही इन्हीं के हाथ में सुरक्षित है। एक गरीब आदिवासी परिवारों को पानी के लिए कुल्हाड़ी से मारा जाता है। यह भारत किस दिशा की ओर जा रहा है, जो सोचता हूं तो आंखों से आंसू निकल आते हैं। क्या यही है मेरा भारत महान जो विश्व गुरु के रूप में देखा जा रहा है। यही मेरा भारत महान है जो खाने के तेल जैसी चीजों के लिए जनता की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। क्या यही मेरा भारत है, जो युवाओं को रोजगार देने में असफल होता जा रहा है। अपराध की बढ़ोतरी निरंतर विकराल समस्या के रूप में सामने आ रही है, जिम्मेदारों से सरकारों से सत्ता के नशे में चूर मंत्रियों से अनुरोध है, अपने गिरेबान में झांकें और जनता की सेवा की शपथ लेकर सत्ता में आए है तो सेवा करें। ऐसा लग रहा है, की भाजपा राज में लोग का जीना दूभर होता का रहा है। आज भाजपा राज में शिव पूरी की ये घटना "मंहगा पानी,सस्ता खून"को चरितार्थ करती नजर आ रही है। इस गरीब आदिवासी के वोटो से बनी सरकार अब उन्हें पानी पीने से रोक रही है। ऐसे मंत्री और उसके रिश्तेदरों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

