कहीं भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ जाए मुलताई की सीवर लाइन। चेम्बर निर्माण में रेत की जगह डस्ट और लाल ईट का हो रहा उपयोग। गुणवत्ता पर सवालिया निशान ।
मुलताई। नगर पालिका द्वारा नगर के तीन वार्डो (ताप्तीवार्ड, पटेल वार्ड, इंदिरागांधी वार्ड) में करीब 7 करोड़ 30 लाख के बजट की सीवर लाइन का कार्य करवाया जा रहा है, जगह जगह सीमेंट सड़क को खोद कर पाइप डाले जा रहे है, कुछ कुछ दूरी पर चेम्बर बनाए जा रहे है।
सीवर लाइन निर्माण के लिए गुजरात की सारथी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा करीब 5 करोड़ 97 लाख में कार्य का टेंडर लिया है। लेकिन वर्तमान में सीवर लाइन का कार्य और उसकी गुणवत्ता भगवान भरोसे ही कही जा सकती है।
ताप्ती वार्ड में कार्य प्रगति पर है जहां पर सड़क खुदाई करने के बाद पाइप डाले गए है, इन पाइपों को आपस मे जोड़ने के लिए चेम्बर बनाए जा रहे है। सरकारी आदेश के अनुसार किसी भी सरकारी कार्य मे फ्लाई एस की सफेद इट से कार्य कराया जाना है लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार अपनी मन मर्जी से चेम्बर निर्माण में लाल ईंट का उपयोग कर रहा है वहीं ईंटो को जोड़ने के लिए रेत के स्थान पर गिट्टी की डस्ट का उपयोग किया जा रहा है।
नगर पालिका अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी मात्र खाना पूर्ति करते हुए नगर पालिका कर्मचारी ने मौके पर आ कर मजदूरों को रेत से जुड़ाई करने की बात कह कर अपना पडला झाड़ लिया। नगर पालिका के कमर्चारी के जाते ही मजदूरों ने फिर से उसी डस्ट की जुड़ाई वाले चेम्बर पर रेत से प्लास्टर कर डस्ट की जुड़ाई छुपा दी। खेर नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि चेम्बर निर्माण शुरू होने वाले दिन भी ठेकेदार ने रेत नही होने का हवाला दे कर डस्ट से जुड़ाई कर चेम्बर निर्माण शुरू करवाया था। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सीवर लाइन कि गुणवत्ता को दरकिनार करते हुए ठेकेदार पर रहमदिली पूरे प्रोजेक्ट में जबरदस्त भ्रष्टाचार का संदेह पैदा करती है।
नगर पालिका द्वारा नगर में बहुप्रतीक्षित करोड़ो रूपये की सीवर लाइन का कार्य जिस गुणवत्ता के साथ हो रहा है उससे लोगो मे चर्चा है कि ऐसा काम कितने दिनों तक चलेगा।
Multai's sewer line should not be affected by corruption. Dust and red bricks are being used instead of sand in chamber construction. Question mark on quality.




