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डीजल पेट्रोल रसोई गैस के बढ़ते दामो के विरोध में किसानों का विरोध प्रदर्शन। देखिए वीडियो।

Farmers protest against the rising prices of diesel, petrol, cooking gas.


✍️कुलदीप पहाड़े 

मुलताई। लगातार देश प्रदेश में बढ़ते डीजल पेट्रोल और रसोई गैस के दामो से अब आम आदमी के साथ साथ किसान भी परेशान हो गया है, लगातार बढ़ते दामो से हर चीज की कीमतों में अच्छा खासा उछाल देखने को मिल रहा है और महंगाई अपने चरम पर पहुच चुकी है। इसके विरोध में किसानों के देशव्यापी आंदोलन के तहत मुलताई में भी शहीद स्तम्भ बस स्टैंड पर किसान संघर्ष समिति के आव्हान पर किसानों में अपना विरोध दर्ज कराया और विरोध प्रदर्शन किया। 


   
ईंधन की मूल्यवृद्धि के खिलाफ किसान संघर्ष समिति का विरोध प्रदर्शन

करोड़ों गरीब परिवारों  की पहुंच से  रसोई गैस धीरे धीरे बाहर होती जा रही है

डीजल की मूल्यवृद्धि का असर जरूरत की हर चीज के दामों पर पड़ेगा

     आज संयुक्त किसान मोर्चा ने पेट्रोल,डीजल रसोई गैस की मूल्यवृद्धि के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के आव्हान पर मुलताई में किसान संघर्ष समिति द्वारा बस स्टैंड स्थित किसान स्तम्भ पर 10 से 12 बजे तक बढ़ती मंहगाई के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। 

           विरोध प्रदर्शन में शामिल किसंस के जिलाध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने 2014 के चुनाव में अच्छे दिन का सपना दिखाकर केंद्र में सरकार बनाई थी, लेकिन केंद्र सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के चलते आज देश की आर्थिक स्थिति गर्त में चली गई है, जिसके चलते पूरा देश महंगाई की मार झेल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बार बार वृद्धि की जा रही जिससे कृषि में लागत बढ़ गई है।

     जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण बोरबन ने कहा कि पिछले 10 माह में रसोई गैस के दामों में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म कर दी कर दी गई है। करोड़ों गरीबों की पहुंच से धीरे- धीरे रसोई गैस बाहर होती जा रही है।  जहां एक तरफ देश कोरोना महामारी  से लड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाकर आम जनता का शोषण कर रही है।

     तहसील अध्यक्ष कृपालसिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने कृषि उत्पादों पर मात्र 4 प्रतिशत की वृद्धि कि है जबकि महंगाई 40 प्रतिशत बढ़ गई है। बढ़ती महंगाई से किसानी घाटे में जा रही है।

    महामंत्री भागवत परिहार ने कहा कि किसान विरोधी काले कानून व बिजली के निजीकरण से महंगाई और भी बढ़ जाएगी। सरसों के तेल की तरह अनाज, दाल, आलू, प्याज जमाखोरी के बाद कई गुना दामों पर उपभोक्ताओं को मिलेंगे।

   जिला महामंत्री कृष्णा ठाकरे ने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों तथा माल गाड़ियों का ढुलाई का भाड़ा बढ़ जाएगा जिसका असर जरूरत की हर चीज के दामों पर पड़ेगा। धीरे-धीरे महंगाई से 80% आम लोगों का जीना दूभर हो गया है। 

   किसान संघर्ष समिति के जिला सचिव अशोक बरोदे ने कहा कि किसान पहले ही खेती की लागत ज्यादा होने तथा फसलों के उसी हिसाब में लाभकारी दाम ना मिलने के कारण कर्ज तले दब चुके हैं तथा आत्महत्या तक  करने को मजबूर हो रहे हैं ,ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार लगातार पेट्रोल ,डीजल, रसोई गैस व जरूरत की चीजों को महंगा कर रही है। जिससे किसान और कर्जदार बन रहा है।

   विरोध प्रदर्शन में सीताराम नरवरे,विनोदी महाजन, डखरू महाजन,चैन सिंह सिसोदिया, किशोर सिंह सोलंकी, अनिल नरवरे, गुड्डू सूर्यवंशी, लखन सूर्यवंशी,करमचंद हारोडे़, उमेश दोड़के , दिलीप सिंह, वाहिद पठान आदि शामिल हुए।

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