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ताप्ती सरोवर के मध्य सप्तऋषि स्थापना के तीन वर्ष पूर्ण होने पर गायत्री परिवार द्वारा किया गया पौधरोपण।

Plantation done by Gayatri family on completion of three years of Saptarishi establishment in the middle of Tapti Sarovar.




✍️ Kuldeep pahade ......


मुलताई। सुर्यपुत्री मां ताप्ती सरोवर में स्थित सप्त ऋषि टापू पर आज सप्त ऋषि स्थापना के 3 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सन 2019 में तत्कालीन नगर परिषद एवं गायत्री परिवार के सहयोग से ताप्ती सरोवर में स्थित टापू पर सप्त ऋषि की स्थापना कर इस स्थान को मनोरम बनाकर धार्मिक रूप दिया गया था तब से इस सप्त ऋषि टापू पर धार्मिक कर्मकांड संपन्न किए जाते हैं इस स्थान पर श्री हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भी की गई है।अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा मां ताप्ती जन्मोत्सव के ग्यारह दिवसीय कार्यक्रम के सप्तम दिवस पर सप्त ऋषि टापू पर मौलश्री का पौधा का रोपण कर सप्त ऋषि स्थापना दिवस मनाया गया।


ताप्ती सरोवर में स्थित टापु पर  गायत्री परिवार के पंडित मेवा लाल जी पाटीदार  सेंधवा की प्रेरणा से सप्त ऋषि यों  स्थापना आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 2019 में की गई थी।आज  गायत्री परिवार मुलता़ई द्वारा स्थापना के तीसरे वर्ष सप्त ऋषि यों का अभिषेक कर पूजन किया एवं शिव अभिषेक के साथ गायत्री महायज्ञ संपन्न किया इस अवसर पर गायत्री परिवार के यादव राव जी निंबालकर ने कहा हम सभी किसी ना किसी ऋषि कुल से ही है । ऋषियों ने वनों में रहकर तपस्या की निर्जन स्थानों पर पौधे लगाकर वनों में परिवर्तन कर हरियाली का साम्राज्य स्थापित किया । घनश्याम  साहू ने बताया कि सप्त ऋषि 
चरक ऋषि (औषधि तरु )-कालमेघ ,अडुसा , एलोवेरा, पत्थरचट्टा तुलसी ,गिलोय ,मौलश्री
ऋषि जमदग्नि ( कृषि से संबंधित तरु )-साजन, अंजन ,आम ,जाम, जामुन, करौंदा, कटहल आदि  विश्वामित्र ऋषि (नीम इमली खैर गुग्गल, करजा । वशिष्ठ ऋषि-(साधना की दृष्टि से) तुलसी, आम ,पीपल वट, पाकड़, आंवला ।
 व्यास ऋषि (गुरु शिष्यतरू)- कदम्ब, केला, पारिजात ,आंवला।
कश्यप ऋषि (भगवान राम से संबंधित पौधे)-अशोक ,पीपल, सीताफल याज्ञवल्क्य ऋषि( शिव आराधना)-  बिल्वपत्र, वट।
संबंधित पौधों का रोपण करने से उनकी कृपा दृष्टि हम पर सदैव बनी रहती है जिससे सुख शांति एवं समृद्धि बनी रहती इस अवसर पर अंजलि गिरवर प्रजापति, मीरा रामदास देशमुख, सुरेश साहू , जया बहन जी , पांसे जी ,सुरेखा घनश्याम साहू , पंडित योगेश साहू  वासुदेव धोटे एवं अन्य परिजन उपस्थित रहे।

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