Nervousness after injection, face came from mouth and death of six year old child.
बैतूल जिले में बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं पर जिला स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन नहीं है गंभीर |
क्लीनिक पूर्व में सील किया गया था फिर भी डॉक्टर कर रहा था धड़ल्ले से इलाज, डॉक्टर, क्या स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं ???
बैतूल में भी कल एक ऐसा ही मामला सामने आया जहां मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा गलत दवाई देने की लापरवाही से 10 वर्षीय बच्चे की हालत गंभीर शिकायत के 24 घंटे बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की कोई कार्यवाही
प्राइवेट क्लीनिक पर इंजेक्शन लगाने के दौरान हुई बालक की मौत को लेकर परिजनों ने कड़ी कार्रवाई की माँग की ब्लाक चिचोली अंर्तगत ग्राम दुधिया निवासी सचिन पिता सुनील मर्सकोले उम्र छः वर्ष का नॉर्मल सर्दी खासी का ईलाज चिचोली के आशीष सोनी द्वारा ईलाज किया जा रहा था ईलाज के दौरान बालक सचिन कि मौत हो गयी ग्रामीणों व परिजनों ने बताया कि आज दोपहर दो बजे के दरमियान बच्चे को ईलाज हेतु मोटरसाइकल में बिठाकर लाया गया था जहाँ डॉ आशीष सोनी द्वारा इंजेक्शन लगाने से अचानक घबराहट होने लगी व मूह से फेस आने लगा तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहाँ कुछ ही समय पश्चात बालक की मौत हो गई जहाँ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने अस्पताल पहुचे गौरतलब है कि आशीष सोनी द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक चलाने के मामले में क्लीनिक सील है मामला थाने में दर्ज है लेकिन क्लीनिक घर के समीप होने के कारण आशीष सोनी मरीजों का इलाज घर पर ही करते हैं थाना प्रभारी अजय सोनी द्वारा ग्रामीणों व परिजनों को समझाकर दोषियों पर जाँच कर कड़ी कार्रवाई का आश्वास दिया । एवं मृतक का मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया।
इनका कहना-----
ब्लाक मेडिकल ऑफिसर डॉ राजेश अतुलकर का ब है कि मैंने जांच की आशीष सोनी द्वारा इलाज किया गया जिसका पूर्व में क्लीनिक सील किया था सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बालक को मरणासन्न अवस्था में लाया गया था
इनका कहना......
थाना प्रभारी अजय कुमार सोनी का कहना है कि डॉ आशीष सोनी द्वारा बालक का तीन दिनों से ईलाज किया जा रहा था जिसे आज इंजेक्शन लगाने के बाद घबराहट एवं उल्टीया होने लगी जिसके बाद बालक की मौत हो गई मृतक का मर्ग कायम कर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया
