88 दिनों से थमे , बस और टैक्सियों के पहिए, ड्राइवर, कंडक्टरों,हम्मालों की हालत खराब
बैतूल। 22 मार्च को जनता कफ्र्यू के बाद से लगातार जारी लॉकडाउन को गुरुवार 18 जून को पूरे 88 दिन बीत चुके हैं। लगभग ढाई माह का समय बीत गया है। इन ढाई महीनों में बैतूल शहर तथा जिले के बस संचालन से जुड़े कर्मियों की माली हालत काफी खराब हो गई है। ड्राइवर, कंडक्टरों हम्मालों सहित बस एजेंट के परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बुधवार को जारी हुए बसों के संचालन के आदेश के बाद बस ऑपरेटरों ने कुछ राहत की सांस ली थी, लेकिन गुरुवार को भी बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। क्योंकीबस आपरेटर पिछले 2 माह का रोड टेक्स माफ किये जाने की मांग पर अड़े हुए है । जिसे लेकर जिलेभर के लगभग 150 से ज्यादा बस ऑपरेटरों, ड्राइवर, कंडक्टरों एवं बस कर्मचारियों ने गुरुवार को कलेक्टोरेट में धरना-प्रदर्शन किया एवं जमकर नारेबाजी की। इस दौरान एडीएम जेपी सचान ने बस ऑपरेटरों से बात की और उनसे सभी बस ऑपरेटरों की लिस्ट मांगी है और अगले तीन दिनों में सभी समस्याओं का निराकरण करते हुए बसों के संचालन को शुरू करने का आश्वासन भी दिया है। गौरतलब है कि इसके पहले बस ऑपरेटर्स तीन बार ज्ञापन देकर बसों के संचालन की मांग कर चुके हैं। इधर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व जिलाध्यक्ष समीर खान ने कहा है कि बस ऑपरेटर और ड्राइवर, कंडक्टरों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है एवं उनके परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति बनी हुई। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि जल्द से जल्द बसों का संचालन शुरू किया जाए। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन भी कलेक्टर को सौंपा है।
ड्राइवर, कंडक्टर समेत हम्माल और एजेंट भी संकट में
लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही बस, ट्रक, टैक्सी, ऑटो के पहिए थमे हुए हैं। इससे ना केवल बस ऑपरेटर्स और मालिक परेशान हैं बल्कि सबसे ज्यादा बस के ड्राइवर और कंडक्टर समेत हम्माल और एजेंट भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ड्राइवर, कंडक्टर और हम्माल समेत एजेंटों का कहना है कि हम रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से उधार लेकर अब तक घर का गुजारा चला रहे हैं, लेकिन सभी के काम बंद हैं ऐसे में उधार देने वाले भी कब तक दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासन प्रशासन इस ओर जल्द निर्णय ले और बसों का संचालन शुरू करवाता है तो काफी हद तक हालात सामान्य हो सकते हैं।
सूने पड़े हैं बस स्टैंड, रोजगार के लिए परेशान हैं आम लोग
इधर शहर के सरदार विष्णुसिंह गौंड़ बस स्टैंड से लेकर गंज समेत सदर का बस स्टैंड सूना पड़ा है। इसके अलावा अन्य छोटे-छोटे बस स्टापों पर भी ढाई माह से कोई बस आकर नहीं रुकी है। ऐसे में यहां पर पान के ठेले, चाय की दुकान एवं फल विक्रेताओं के सामने भी रोजी रोटी का संकट है। यहां से रोजगार चलाने वालों का भी कहना है कि यदि बसों का संचालन शुरू होता है तो काफी हद तक उनकी परेशानियों से उन्हें छुटकारा मिलेगा और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रोजगार मिल सकेगा।
तीन दिन में बनाएंगे व्यवस्था
बस ऑपरेटरों से बात की गई है। उनसे सभी बस ऑपरेटरों की सूची मांगी गई है। हम आने वाले तीन दिनों में बसों के संचालन की पूरी व्यवस्था बनाएंगे - जेपी सचान, अपर कलेक्टर, बैतूल


