कुलदीप पहाड़े ✍️
अधिवक्ता के समर्थन में उतरे सैकडों युवा
बैतूल। जिला एवं सत्र न्यायालय बैतूल में वकालत करने वाले अधिवक्ता दीपक बुंदेले को पुलिस द्वारा मुसलमान समझ कर पीटने का मामला पुलिस के गले की फांस बन गया है। अंतरराष्टीय स्तर पर उछला यह मामला अब शांत होता नजर नहीं आ रहा। पुलिस ने वकील के साथ मारपीट के दोषी पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए वकील पर ही मामला दर्ज कर दिया। उल्लेखनीय है कि 23 मार्च को लल्ली चैक पर शुगर पीडित वकील दीपक बुंदेले को पुलिस ने भयंकर बुरी तरह पीटा था। जिसके खिलाफ दीपक ने डीजीपी, मानावाधिकार आयोग, माननीय सर्वोच्च न्यायालय को भी पत्र लिख कर अवगत कराया था। पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज न कर दीपक के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया है, जिसके खिलाफ भीम सेना ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। दीपक के अपने बयान में पुलिस को अवगत कराया था कपील सौराष्ट ने उसके साथ मारपीट की थी। पुलिस कर्मी लंबे समय से दीपक पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे थे और धमकी भी दे रहे थे कि अगर शिकायत वापस नहीं ली तो झूठे मामले में फंसा देंगे।
पुलिस की उक्त करतूत के खिलाफ बैतूल जिले के भीम सैनिक बडी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस से दीपक के खिलाफ की गई झूठी एफआईआर पर खात्मा रिपोर्ट लगाने की मांग की। दीपक रिसर्च स्काॅलर के रूप में भी काम कर चुके है और उन्होंने मध्यप्रदेश की जनजातीय अंचल में बोली जाने वाली नहाल भाषा पर अपना शोध पत्र लिखा है, जो मध्य प्रदेश की लोक भाषा नामक किताब में प्रकाशित हुआ हैै। पुलिस द्वारा लाॅक डाउन के दौरान की जाने वाली गुंडा गर्दी का भीम सेना ने विरोध करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस प्रदर्शन में दीपक के समर्थन में और पुलिस की सांम्प्रदायिकता के खिलाफ बडी संख्या मंे भीम सैनिक शामिल थे।

