बैतुल। वर्तमान में कोरोना महामारी से पूरा विश्व लड़ रहा है। इस महामारी से पूरे विश्व मे लाखों की संख्या में मरीजों की मौत हो चुकी है। कोरोना का डर हर आदमी के दिलो में बैठा हुआ है। कोई दवाई कारगर नहीं हो रही, लोग दुआ के भरोसे हैं।
इसी बीच मध्य प्रदेश में कोरोना महादेव मंदिर इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है। एक पुलिस थाना परिसर में बने इस मंदिर की स्थापना वैसे तो वर्षों पहले की गई थी लेकिन एक रिटायर्ड थाना प्रभारी ने कोरोना काल में महादेव मंदिर का जीर्णाेद्धार कराकर कोरोना महादेव मंदिर (corona mahadev mandir) नाम दिया है। मान्यता है कि कोरोना महादेव की वजह से पूरे क्षेत्र में एक भी कोरोना मरीज नहीं मिला। कोरोना महादेव सबकी रक्षा कर रहे हैं।
यह कोरोना महादेव मंदिर स्थित है बैतूल जिले के चिचोली थाने में। जहा से अभी हाल में थाना प्रभारी आरडी शर्मा रिटायर्ड हुए हैं। रिटायरमेंट के पहले ही उन्होंने थाना परिसर में एक पुराने शिव मंदिर का जीर्णोंद्धार कराया। यहां इस मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा भी स्थापित कराई गई है। लोग इसे कोरोना महादेव मंदिर से अब जान रहे हैं। रिटायर्ड थाना प्रभारी आरडी शर्मा बताते हैं कि थाना परिसर का शिव मंदिर करीब सौ साल पुराना है। समय के साथ रखरखाव के अभाव में यह मंदिर काफी जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच चुका था।
रिटायर्ड इंस्पेक्टर शर्मा बताते हैं कि मंदिर का जीर्णाेद्धार कराने के बाद होशंगाबाद से भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित कराई गई। भगवान भोलेनाथ की कृपा से अभी तक इस क्षेत्र में एक भी कोरोना पाॅजिटिव मरीज नहीं मिला है। सभी लोगों पर कोरोना महादेव की कृपादृष्टि बनी हुई है। लॉकडाउन के चलते दो ही पंडितों से इसकी स्थापना करवाई गई।
रिटायर्ड थाना प्रभारी आरडी शर्मा बताते हैं कि भगवान से प्रार्थना की गई कि समूचे नगर को कोरोना संक्रमण से मुक्त रखा जाए। भोलेनाथ ने नगरवासियों की विनती सुन भी ली। पूरे 2 माह से ज्यादा वक्त बीत चुका है लेकिन चिचोली नगर में एक भी व्यक्ति को कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी छू भी नहीं पाई है।
शर्मा ने बताया कि भगवान भोलेनाथ ही इस महामारी से दुनिया को निजात दिलाएंगे। चिचोली क्षेत्र में कोरोना का मरीज नहीं मिलने से अब लोगों की इस मंदिर के प्रति आस्था बढ़ रही है। लोग यहां मंदिर में दर्शन करने भी पहुंच रहे हैं।


