मृत मवेशी का त्वरित निपटारा नही होने से ग्रामीण परेशान।
मुलताई। बारिश के इस मौसम मे हर साल कई मवेशी मरते है, जिनका त्वरित निपटारा नही होने से जहा तहा मृत मवेशी पड़े रहते है। इस तरह मृत मवेशी के पड़े रहने से कुत्ते उन्हें खाना शुरु कर देते है और धीरे धीरे वहीं पड़े पड़े वह मवेशी सड़ने लगता है जिसकी दुर्गन्ध से आस पास के लोग परेशान हो जाते है।
हाल ही मे ऐसा ही वक्या मुलताई के ग्राम चौथिया मे देखने मे आया है, जहा पिछले 3 दिनों से एक मृत मवेशी गांव के पास ही एक खेत मे पड़ा हुआ है, ग्रामीणों द्वारा सरपंच सचिव से उसके निपटारे के लिए कहा गया लेकिन पंचायत ने भी अपना पडला झाड़ते हुए कहा कि इसके लिए हमारे पास कोई विकल्प नही है। जिस कारण ग्रामीणों को दुर्गन्ध मे रहने के लिएमजबुर होना पड़ रहा है।
यहां इस बात से भी इंकार नही किया जा सकता की कोरोना जैसी महामारी के चलते यदि इस तरह से मृत मवेशी को कुत्ते खाएंगे और इधर उधर घूमेंगे तो अनेको तरह की बीमारी फैल सकती है।
आपको जानकारी के लिए बात दे की कुछ समय पहले तक चमड़े का व्यवसाय करने वाले लोग मृत मवेशियो के त्वरित निपटारे के लिए बहुत ही सहायक हुआ करते थे, वे मृत मवेशी का चमड़ा निकाल कर उसका त्वरित निपटारा कर दिया करते थे किन्तु लगभग पिछले 2 वर्षो से चमड़े का व्यवसाय बन्द होने से अब इसका असर क्षेत्र मे दिखने लगा है।

