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खेड़लीबाजार के किसान राहुल ने दो एकड़ में बैंगन टमाटर उगाकर 6 लाख से अधिक का लाभ लिया
उद्यानिकी विभाग द्वारा दिया गया है मल्चिंग एवं ड्रिप के लिए अनुदान
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जिले के खेड़लीबाजार निवासी शिक्षित युवा किसान राहुल कुमार साहू परम्परागत खेती से हटकर उच्च तकनीकयुक्त उद्यानिकी फसलों की खेती से प्रति एकड़ बिना पॉलीहाउस/शेडनेट हाउस के खुले खेत में खेती कर लाखों रुपए की आय प्राप्त कर रहे हैं।
सामान्यत: ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग फलों के पौधे तैयार करने हेतु किया जाता है पर राहुल ने रबी 2019 में ग्राफ्टेड बैंगन एवं टमाटर की एक-एक एकड़ में खेती की। राहुल इन फसलों को मल्चिंग एवं ड्रिप तकनीक का उपयोग कर उगा रहे हैं जिसके लिए उन्हें उद्यानिकी विभाग से अनुदान भी मिला।
राहुल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से मिले तकनीकी मार्गदर्शन एवम् उनकी अच्छी देखभाल के कारण एक एकड़ खेत से 700 क्विंटल बैंगन एवं एक एकड़ खेत से 600 क्विंटल टमाटर का उत्पादन लिया गया।
इन फसलों को उगाने में राहुल को लगभग 3.75 लाख रूपये की लागत आयी, जिसे 3 रूपये से 30 रूपये प्रति किलो की दर तक बेचकर राहुल ने कुल 10.08 लाख रूपये की आय प्राप्त की। इस तरह लॉकडाउन के दौरान भी राहुल जैसे युवा किसान ने 2 एकड़ रकबे में सब्जी का उत्पादन लेकर खेत से सीधे उपभोक्ताओं/व्यापारियों को बेचकर लगभग 6.33 लाख रूपये की शुद्ध लाभ भी प्राप्त किया।
राहुल अपने खेतों में उगाई जा रही सब्जियों को पहले नागपुर मंडी में बेचा करते थे, परन्तु लॉकडाउन के शुरूआती दौर में मंडी पर निर्भर ना रहते हुये सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी उपज का प्रचार-प्रसार कर उद्यानिकी विभाग के किसान समृद्धि बाजार एवं अपने खेत से ही सीधे उपभोक्ताओं/व्यापारियों को खेती से उत्पादित सब्जियां विक्रय करने लगे।
वर्तमान में राहुल दो एकड़ में पत्तागोभी एवं एक एकड़ में टमाटर का उत्पादन ले रहे हैं। सब्जी उत्पादन हेतु राहुल ज्यादातर जैविक खाद एवं दवाइयों का प्रयोग करते हैं। लॉकडाउन के दौरान हुये फायदे को देखते हुये राहुल अपनी फसलों को ज्यादातर सीधे उपभोक्ताओं/व्यापारियों को बेच रहे हैं। उनके द्वारा उत्पादित पत्तागोभी उड़ीसा के व्यापारी द्वारा सीधे उनके खेत से 8-16 रूपये प्रति किलो की कीमत से खरीदी की जा रही है, वहीं उनके द्वारा उत्पादित टमाटर की भी सीधे खेत से ही स्थानीय व्यापारियों द्वारा 20-24 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदी की जा रही है। राहुल ने छोटे-छोटे रकबे में ककड़ी और गेंदे की फसल भी लगाई गई थी, जो कि हाल ही में खेत से ही ककड़ी 10 रूपये प्रति किलो एवं गेंदा फूल की 100-150 रूपये प्रति किलो की कीमत से आसानी से बिक्री हो गयी।
राहुल बताते हैं कि उनकी फसल का उचित दाम सीधे उन्हें मिलने के कारण उनकी आय में भी बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी सब्जी उत्पादों के विक्रय की मार्केटिंग कर रहे हैं। राहुल अपने क्षेत्र के किसानों को भी सब्जी की खेती एवम् मार्केटिंग के लिये जागरूक कर रहे है, इसके लिये वे किसानों को संगठित कर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का भी गठन कर रहे हैं।



