मध्य प्रदेश के मुलताई जिला बैतुल में हुई अनोखी शादी, संविधान की शपथ लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे दूल्हा-दुल्हन ।
मध्य प्रदेश - (मुलताई जिला बैतुल) आमतौर पर शादी-विवाह के दौरान लोग अलग-अलग रीतियों और रस्मों रिवाजों का अनुसरण करते हैं. कहीं मंत्रोच्चारण और फेरों के साथ नवयुगल शादी के बंधन में बंधते हैं, तो वहीं कुछ लोग सामान्य तरीके से कोर्ट में विवाह रचाते हैं. अलग-अलग धर्मों के हिसाब से भी शादी के बंधन में बंधने की अलग-अलग रीतियां हैं. लेकिन मध्य प्रदेश के मुलताई जिला बैतुल में एक अनोखी शादी देखने को मिली, जहां वर-वधू संविधान के प्रस्तावना की शपथ लेकर शादी के बंधन में बंधे.।
मुलताई शहर के गांधी वार्ड निवासी नंदलाल सेषकर जी की पुत्री दिव्या सेषकर और दीपचंद्र चौकीकर जी का पुत्र कल्पेश चौकीकर निवासी बागडोना की अनूठी शादी हुई. इस अनूठी शादी को लोग देखते रह गए. बारात में दूल्हा हाथ में संविधान की किताब लेकर चल रहा था. शादी के स्टेज पर गौतम बुद्ध और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र रखे हुए थे. इन्हीं को साक्षी मानकर कार्यक्रम शुरुआत की गई. इसके बाद दूल्हा-दुल्हन को संविधान के प्रस्तावना की शपथ दिलाई गई और जीवनभर एक दूसरे का साथ देने का संकल्प लेकर विवाह संपन्न हुआ.
दुल्हन के भाई मुलताई नगर के युवा समाज सेवी गौरव नागले ने बताया कि आज हमारे परिवार में एक नयी पहल की शुरुआत की गयी है ,जिसमे मेरी बड़ी बहन दिव्या संघ कल्पेश के विवाह कार्यक्रम सम्पन हुआ जिसमें संविधान की शपथ लेकर शादी पूर्ण हुए। हमने शादी के निमंत्रण पत्र पर भी गौतम बुद्ध और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र अंकित कराए गए थे. सब्बमंगलम, प्रज्ञा, शील, करूणा जैसे गौतम बुद्ध के संदेश भी विवाह के निमंत्रण पत्र पर अंकित किए गए थे. इसके अलावा भारत का संविधान, हमारा स्वाभिमान जैसे स्लोगन भी कार्ड पर अंकित थे।
इस शादी में समाजसेवी प्रो. डोंगरे जी, रमेश उबनारे जी बैतुल एवं कुलदीप पहाड़े , द्वारा संविधान की पुस्तिका एवं बुद्ध और उनका धम्म अशीर्वाद सवरूप नव दंपत्ति को भेट की गयी, इसके पश्चात नव दम्पत्ति ने भारतीय संविधान की उद्देश्यिका का वाचन किया इस प्रकार विवाह कार्यक्रम संपन्न हुआ !!



