कोरोना की आड़ में महंगाई बढ़ा रही सरकार, लोगों का जीना हुआ दुश्वार- पांसे ।
मुलताई। एक तरफ कोरोना महामारी से लोग परेशान है सभी के काम काज बंद है। दूसरी तरफ लगातार महंगाई अपने चरम पर पहुंचती जा रही है लोगों का जीना दूश्वार हो गया है सरकार इस महंगाई पर अंकुश लगाने में नाकाम हो गई है। कोरोना काल के चलते विपक्ष एवं आम नागरिकगण बढ़ती महंगाई के विरोध में भाजपा सरकार के विरूद्ध आंदोलन भी नही कर पा रही है। कोरोना काल के इस आपदा में समय को अवसर में बदलने में लगी है भाजपा सरकार।
उक्ताशय का आरोप लगाते हुये विधायक सुखदेव पांसे ने जारी एक बयान में कहा कि सरकार द्वारा डी.ए.पी. खाद की कीमत 1100 की जगह लगभग 1900 रूपये कर दी गई है वही 60 रूपये प्रति लीटर डीजल की कीमत 92 रूपये पहुंच गई है। पॉंच राज्यों में जब तक चुनाव थे तब तक डीजल-पेट्रोल के दाम स्थिर थे किन्तु जैसे ही चुनाव खत्म हुये पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिये गये। इधर सरकार 2000 रूपये सम्मान निधि देने का ढिंढोरा तो खुब पीटती है दूसरी तरफ 800 रूपये प्रति बोरी डी.ए.पी. खाद बढ़ाकर उससे ज्यादा एक ही झटके में वसूल कर लिये गये। आज खाने-पीने की वस्तुओं जैसे सोयाबीन तेल जो 75 रूपये लीटर वह 150 रूपये लीटर हो गया। तुवर दाल जो 65 रूपये किलो थी वह 115 रूपये किलो पर पहुंच गई है। रसोई गैस जो 365 रूपये की थी 825 रूपये प्रति सिलेण्डर हो गई है। खाने-पीने की हर वस्तुओं के दाम बढ़ गये है चारों तरफ बढ़ती महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है वही केन्द्र एवं राज्य की सरकारें कुंभकरण की नींद सोई हुई है। प्रधानमंत्री अपने मन की बात तो जनता को सुना रहे है किन्तु जनता के मन की बात नही सुन रहे हैं।
श्री पांसे ने राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार से महंगाई पर लगाम लगाने की अपील करते हुये कहा कि यदि इसी प्रकार महंगाई बढ़ती रही तो वह दिन दूर नही जब लोग कोरोना के साथ-साथ बढ़ती महंगाई के मार से ही न मरने लग जाये।

