प्रशासन द्वारा निजी अस्पतालों के लिए जारी शुल्क राशि का जिले भर में विरोध। पांसे ने कहा कम करे शुल्क, जन आंदोलन मंच ने कहा शुल्क कम नही हुए तो करेंगे पुतला दहन।
बैतूल - जिला प्रशासन द्वारा जिले के निजी अस्पतालो द्वारा मरीजो से फाइव स्टार के रेट से भी ज्यादा रेट तय किए जाने पर लोगो का गुस्सा फूट पड़ा है, मुलताई से जन आंदोलन के नेता अनिल सोनी ने तो रेट कम नही होने की दशा में पुतला दहन करने तक कि धमकी दे दी है।
एक विज्ञप्ति के माध्यम से मध्य प्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और मुलताई के विधायक सुखदेव पांसे ने मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी बैतुल द्वारा जिले के निजी अस्पतालों में गंभीर कोरोना ,कोविड व अन्य मरीजों से ली जाने वाली राशि को निर्धारित करने वाला हस्ताक्षर युक्त परिपत्र जारी किया है उसको लेकर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है ।वर्तमान में विगत 1 वर्ष से घोषित या अघोषित लॉक डाउन चल रहा है ,मजदूरी ,कृषि से लेकर उद्योग ,छोटे व्यपारी और बड़े व्यपारी एवम मध्यम वर्गीय ,आम लोग सभी की माली हालत खस्ता है !,लोगों को दो जून की रोटी की जुगाड़ करना मुश्किल हो रहा है ,ऐसी आपदा और महामारी में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार स्वयं तो कुछ कर नही रही हैं बल्कि लोगों को इस आपदा में स्वयं के भरोसे मरने के लिए छोड़ दिया है ।पांसे जी ने बताया की प्रदेश के सरकारी चिकित्सालय,जिला चिकित्सालय ,एवम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद अपनी दुर्दशा पे आंसू बहा रहे हैं ,और जनता खून के आंसू रो रही है ,जहां देखो वहां अस्पताल हर घंटे में लाशें उगल रहे हैं ! सरकार के अस्पतालों में सिर्फ आक्सीजन, इंजेक्शन, दवाईयों की ही कमी नहीं है बल्कि डॉक्टर और बिस्तरों का भी जुगाड़ नही हो पा रहा है और इन परिस्थितियों में आम नागरिक अपनी जीवन भर की पूंजी गंवा के निजी अस्पतालों की ठगी का शिकार पूर्ब से हो होता आ रहा है ।,इन परिस्थितियों में सरकार द्वारा इनकी मनमानियों को रोकने और इनकी अवैध वसूली पे अंकुश लगाने की बजाये उपचार सूची में मनमाने मूल्य लगा के निजी अस्पतालों के मालिकों को उल्टे लूट -,खसौट करने का लाइसेंस दे दिया है ?यहां पर उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा जारी परिपत्र में सामान्य वार्ड से लेकर ए सी और गहन चिकित्सा रूम व उपकरणों का इतना ज्यादा शुल्क निर्धारित किया है जो की बड़े- बड़े महानगरों भोपाल, इंदौर और नागपुर के बड़े निजी अस्पतालों में भी इतना नहीं हैं।,पांसे जी ने बताया की ऐसा प्रतीत होता है की जिले में सत्तारूढ़ पार्टी के जो जनप्रतिनिधि होकर अपना निजी अस्पताल संचालित कर रहें हैं उनको लाभ पहुचाने के उद्देश्य से या उनके इशारों पे क्षेत्र की भोली भाली और गरीब जनता पे ये कुठाराघात किया गया है ।,पांसे जी ने बताया कि स्वयं पाढर अस्पताल जो की देश के मशहूर कैंसर अस्पतालों में से एक हैं वहां भी तुलनात्मक रूप से इतना शुल्क नहीं है जितना की जिला प्रशासन ने अपनी तरफ से जिले के इन निजी चिकित्सालयों को उपकृत करने के लिए जारी पत्र में निर्धारित किया है !पांसे जी ने चेतावनी दी है की त्वरित ही इन जारी शुल्कको रद्द किया जाकर उचित मूल्य का निर्धारण जिला प्रशासन व समस्त जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ना लिया गया तो वे विधानसभा में इसको रखेंगे और संवैधानिक तरीके से वो और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे का पूरे जिले में पूरी शक्ति से विरोध करेंगे ।



