On completing 20 years in public life, Narendra Modi said – never thought I would become Prime Minister
ऋषिकेश में संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- 'आज के ही दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था. आज से 20 वर्ष पूर्व, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे नई जिम्मेदारी मिली.'
नई दिल्ली 07 अक्तुबर।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सार्वजनिक जीवन के 20 साल पूरे कर लिए. इस बाबत ऋषिकेश में उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन प्रधानमंत्री बनूंगा. प्रधानमंत्री गुरुवार को उत्तराखंड स्थित ऋषिकेश से देश के अलग-अलग हिस्सों में 35 ऑक्सीजन प्लांट्स का उद्घाटन करने आए थे. इस दौरान उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा पर संक्षिप्त टिप्पणी की. पीएम ने कहा- ‘आज के ही दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था. लोगों के बीच रहकर, लोगों की सेवा करने की मेरी यात्रा तो कई दशक पहले से चल रही थी, लेकिन आज से 20 वर्ष पूर्व, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे नई जिम्मेदारी मिली.’ उन्होंने कहा- ‘सरकार के मुखिया के तौर पर पहले मुख्यमंत्री और फिर देश के लोगों के आशीर्वाद से देश के प्रधानमंत्री पद पर पहुंचा, इसकी कल्पना मैंने कभी नहीं की थी.’
प्रधानमंत्री ने कहा- ’20 वर्ष की ये अखंड यात्रा आज अपने 21वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर ऐसी धरती पर आना, जिस धरती ने मुझे निरंतर अपना स्नेह, अपनत्व दिया है वहां आना, बहुत बड़ा सौभाग्य समझता हूं.’
हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक- PM
इससे पहले मोदी ने कहा कि कोरोना से लड़ाई के लिए इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं तैयार कीं, वो हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है, सिर्फ 1 टेस्टिंग लैब से करीब 3 हजार टेस्टिंग लैब्स का नेटवर्क, मास्क और किट्स के आयातक से निर्यातक बनने का सफर तय किया. उन्होंने कहा कि देश के दूर-दराज वाले इलाकों में भी नए वेंटिलेटर्स की सुविधाएं, मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन का तेज़ी से और बड़ी मात्रा में निर्माण, दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान- भारत ने जो कर दिखाया है, वो हमारी संकल्पशक्ति, हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्य दिनों में भारत में एक दिन में 900 मीट्रिक टन, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का प्रॉडक्शन होता था. डिमांड बढ़ते ही भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन का प्रॉडक्शन 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया. ये दुनिया के किसी भी देश के लिए अकल्पनीय लक्ष्य था, लेकिन भारत ने इसे हासिल करके दिखाया.
पीएम ने कहा कि ये हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है कि कोरोना वैक्सीन की 93 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है. बहुत जल्द हम 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएंगे. भारत ने कोविन प्लेटफॉर्म का निर्माण करके पूरी दुनिया को राह दिखाई है कि इतने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन किया कैसे जाता है.
